Home » बिज़नेस » In the first half of the financial year 2018, banks put 516 crore write-offs of 38 borrower
 

वित्तीय वर्ष 2018 की पहली छमाही में बैंकों ने 38 कर्जदारों के 516 करोड़ बट्टे खाते में डाले

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 March 2018, 14:38 IST

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में बकाएदारों के 516 करोड़ बट्टे खाते में डाल दिए. आंकड़ों की माने तो 2017-18 के अप्रैल-सितंबर की अवधि के दौरान बैंकों में बकायेदारों ले 38 ऋण खातों को बट्टे खाते में डाला गया. इसके बाद एनपीए अब अपने बैलेंस शीट का हिस्सा नहीं रहा.

2015 में आरबीआई ने बैंकों दिशानिर्देश देते हुए कहा था कि उधारकर्ताओं या गारंटरों के कानूनी कार्यवाही शुरू करनी चाहिए. मार्च 2017 में देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के पास सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कुल बकाये का 27% से अधिक था.

 

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में 31 मार्च, 2017 तक 1,762 बकाएदारों के 25,104 करोड़ रुपये का बकाया थे.

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) इस सूची दूसरे स्थान पर था. जिसमें 1,120 बकाएदारों का बकाया 12,278 करोड़ रुपये था. इन दोनों बैंकों में कुल मिकालर 37,382 करोड़ रुपये का बकाया था जो सभी बैंकों का 40% था. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के 8,915 बकाएदारों की कुल बकाया राशि 92,376 करोड़ रुपये थी.

ये भी पढ़ें : SBI ने FD की ब्याज दरों में इजाफा कर ग्राहकों को दिया होली का तोहफा

First published: 4 March 2018, 14:38 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी