Home » बिज़नेस » India ahead of China on FDI front in 2018, first time in 20 years
 

Flashback 2018 : 20 साल में पहली बार भारत विदेशी कारोबारियों को लुभाने में चीन से आगे निकल गया

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 December 2018, 13:05 IST

भले ही चीन लंबे समय से वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा स्थान बना हुआ है, लेकिनभारत ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने के मामले में पिछले 20 वर्षों में पहली बार 2018 में अपने पड़ोसी को पछाड़ दिया है. वैश्विक वित्तीय बाजारों के मंच Dloglogic के आंकड़ों के अनुसार, 253 इनबांड सौदों के साथ 39.515 बिलियन डॉलर के साथ भारत का वार्षिक एफडीआई चीन के इस कैलेंडर वर्ष की तुलना में अधिक था.

इसी अवधि में 397 के इनबाउंड सौदों में चीन ने 33.8 बिलियन डॉलर की एफडीआई हासिल की. 2017 में भारत ने इनबाउंड सौदों में 18.57 बिलियन डॉलर का एफडीआई आकर्षित किया था, चीन का एफडीआई 383 इनबाउंड सौदों में 32.49 बिलियन डॉलर था. इसमें कहा गया है कि चीनी अर्थव्यवस्था में स्थिर व्यापक आर्थिक माहौल और मंदी ने भारत को अधिक एफडीआई आकर्षित करने में मदद की है.

 

जबकि सरकार भारत की अतिरिक्त पहल भी इसमें शामिल हैं. इसने एफडीआई निवेश के लिए विभिन्न क्षेत्रों को खोला और सिंगल विंडो निकासी को बढ़ावा दिया. अमेरिका के साथ टैरिफ वॉर के बाद से चीनी अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत मिले हैं. रिपोर्ट के अनुसार भारत सहित उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं से विदेशी फंडों विशेषकर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशों का बहिर्वाह हुआ है.

केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु का कहना है कि भारत का लक्ष्य अगले दो वर्षों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में 100 बिलियन डॉलर प्राप्त करना है और जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और रूस जैसे देशों के लिए विशेष औद्योगिक क्लस्टर बनाए जा रहे हैं, जहां उनकी कंपनियां निवेश और संचालन कर सकती हैं.

ये भी पढ़ें : Flashback 2018 : मोदी के विदेश दौरों पर चार्टर्ड उड़ानों का खर्च 2000 करोड़, लेकिन निवेश कितना आया ?

First published: 29 December 2018, 13:04 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी