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यूएन: खाद्य संकट से भारत को तीन लाख करोड़ का नुकसान मुमकिन

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 May 2016, 14:24 IST
(कैच न्यूज)

भविष्य में वैश्विक खाद्य कीमतों में बढ़ोत्तरी के चलते भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को करीब 3,30,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है.

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में बढ़ती आबादी के चलते अस्थिर खाद्य कीमतों के संकट का सामना करना पड़ सकता है.

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम-ग्लोबल फुटप्रिंट नेटवर्क रिपोर्ट, एरिस्क द्वितीय चरण की रिपोर्ट में विभिन्न देशों पर वैश्विक खाद्य जिंस मूल्य दोगुना होने की स्थिति में पड़ने वाले प्रभाव का जिक्र किया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया कि अगर वैश्विक खाद्य मूल्य दोगुना होता है, तो चीन के जीडीपी में 161 अरब डॉलर की कमी आएगी और भारत को 49 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा. चीन को होने वाला नुकसान न्यूजीलैंड के कुल जीडीपी के बराबर है.

संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट के अनुसार खाद्य की मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते असंतुलन के कारण भविष्य में विश्व को ज्यादा और उतार-चढ़ाव भरे खाद्य मूल्य से जूझना पड़ेगा. बढ़ती आबादी और आय के कारण खाद्य पदार्थों की मांग और बढ़ेगी, जबकि जलवायु परिवर्तन और संसाधन की कमी से खाद्य उत्पादन में बाधा पहुंचेगी.

खाद्य संकट के चलते अफ्रीका के पांच देश बेनिन, नाइजीरिया, सेनेगल, घाना और कोत दिव्वार के जीडीपी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज होगी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न देशों का जोखिम काफी हद तक उनके खाद्य व्यापार और खाद्य वस्तुओं पर औसत घरेलू खर्च की हिस्सेदारी से निर्धारित होता है.

सूखे से अर्थव्यवस्था को 6 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान

इसी महीने जारी एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक देश के 10 राज्यों में पड़े सूखे की वजह से अर्थव्यवस्था को करीब 6,50,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान जताया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक देश के 256 जिलों में करीब 33 करोड़ की आबादी सूखे की चपेट में है. लगातार खराब मॉनसून, जलाशयों में कम होते पानी और भूजल के गिरते स्तर की वजह से महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत 10 राज्यों के सूखा प्रभावित इलाकों में जीवन-यापन को लेकर गंभीर समस्या पैदा हो गई है.

इसके अलावा भारत की करीब एक चौथाई आबादी पानी की कमी का सामना कर रही है. विश्व बैंक के नए अध्ययन के मुताबिक पानी की कमी और जलवायु परिवर्तन के कारण भारत की जीडीपी को 2050 तक 6 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ सकता है.

First published: 26 May 2016, 14:24 IST
 
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