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मोदी सरकार के इस कदम से सदमे में गोल्ड इंडस्ट्री, कहा- जमकर तस्करी बढ़ेगी

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2019, 11:16 IST

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गोल्ड के आयात पर कस्टम ड्यूटी बढाकर 10 से 12.5 फीसदी कर दिया. सरकार के इस कदम से गोल्ड कारोबारियों को गोल्ड की तस्करी में बढ़ोतरी की आशंका है. बीते दिनों इंटरनेशनल बाजार में भारत की गोल्ड की मांग में कमी आयी है. आभूषण व्यापार संघों ने पहले ही भारत सरकार से सोने के आयात शुल्क को कम करने के लिए कहा है, उनका मानना है कि आयात शुल्क बढ़ने से गोल्ड खरीदारी के बजाय गोल्ड तस्करी के जरिये आता है.

संघों का कहना है कि शुल्क कम करने के बजाय इसे 10% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया क्योंकि नीति निर्धारक राजकोषीय घाटे को कम करने और बैंकों के पुनर्पूंजीकरण का प्रयास कर रहे हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) की अध्यक्ष अनंत पद्मनाभन ने चौकाने वाला कदम बताया है. 

उन्होंने कहा कि हम कस्टम ड्यूटी में कमी की उम्मीद कर रहे थे. सरकार द्वारा अगस्त 2013 में आयात शुल्क 10% बढ़ाने के बाद भारत में सोने की तस्करी बढ़ गई थी. ग्रे मार्केट ऑपरेटर्स विदेशों से सोने की तस्करी करते हैं और ड्यूटी से बचने के लिए नकदी में बेचते हैं. इसे 2017 में एक और बढ़ावा मिला जब भारत ने बुलियन पर 3% बिक्री कर लगाया.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अपने पहले भाषण में कहा कि दक्षिण एशियाई देश ने सोने के डोर या बिना रिफाइंड खनन वाले सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 9.35% से 11.85% और चांदी की डोर पर 8.5% से 11% कर दिया है. विश्व स्वर्ण परिषद के भारतीय परिचालन के प्रबंध निदेशक, सोमसुंदरम पीआर ने कहा कि भारत नकद लेनदेन को रोकने के लिए बुलियन ट्रेडिंग में पारदर्शिता लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन नकद लेनदेन को कम करने के प्रयासों को कम करेगा.

कितनी तस्करी हुई

डब्ल्यूजीसी के अनुसार, 2018 में 95 टन सोना भारत में तस्करी किया गया था. रॉयटर्स के अनुसार इस साल मुंबई के एक डीलर ने कहा कि कानूनी आयात में गिरावट आएगी और तस्करी 200 टन से अधिक हो सकती है. उद्योग को डर है कि ज्यादा ड्यूटी से ग्राहकों को कुछ अनौपचारिक ज्वैलर्स से आभूषण खरीदने के लिए प्रेरित किया जा सकता है जो आभूषण बनाने के लिए सोने की तस्करी का उपयोग करते हैं.

Aisshpra Gems & Jewels के निदेशक वैभव सराफ ने कहा, "कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी संगठित खुदरा विक्रेताओं द्वारा बेचे गए सोने को अधिक महंगा बनाती है और असंगठित ज्वैलर्स से खरीदने के लिए ग्राहकों को प्रोत्साहित करती है."

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First published: 6 July 2019, 11:11 IST
 
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