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भारत कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के सबसे बड़े शिकार देशों में

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 June 2016, 7:31 IST

ग्लोबल फ्रॉड सर्वे के अनुसार साल 2015-16 में पूरी दुनिया में कार्पोरेट जगत के धोखाधड़ी में बढ़ोतरी हुई है. ये रिपोर्ट क्रॉल और इकोनॉमिस्ट इंटेलीजेंस यूनिट ने प्रकाशित की है.

सर्वे में शामिल तीन-चौथाई कंपनियां पिछले एक साल में धोखाधड़ी का सामना करने की बात स्वीकार की. तीन साल पहले की तुलना में ये आंकड़ा 14 प्रतिशत अधिक है.

भारत उन देशों में शामिल है जहां कार्पोरेट धोखाधड़ी का प्रतिशत सबसे अधिक है.

पेश हैं इस रिपोर्ट के कुछ नतीजेः

80
%

  • कंपनियों ने सर्वे में माना कि वो 2015-16 में कार्पोरेट धोखाधड़ी का शिकार हुए.
  • साल 2013-14 में 69 प्रतिशत कंपनियां धोखाधड़ी से प्रभावित हुई थीं.
  • इस मामले में भारत केवल कोलंबिया (83%) और सब-सहारा अफ्रीका (84%) से बेहतर स्थिति में है.

92
%

  • कंपनियों ने शिकायत की कि 2015-16 में उन्होंने धोखाधड़ी में बढ़ोतरी नोटिस की.
  • भारतीय कंपनियों के संग धोखाधड़ी होने की 'बहुत ज्यादा या औसत' आशंका रहती है.

59
%

  • सर्वे में शामिल लोगों ने कहा कि कंपनियों के जूनियर कर्मचारी भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और प्रक्रियागत अनियमितता में ज्यादा शामिल रहते हैं.
  • भ्रष्टाचार की आशंका के बावजूद केवल 285 कंपनियां अपने कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच कराती हैं.

25
%

  • कंपनियों ने भ्रष्टाचार की शिकायत की थी. इस मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है.
  • केवल 8 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने वित्तीय हेराफेरी की शिकायत की. इस मामले में भी भारत आगे हैं.
  • 20 प्रतिशत कंपनियों ने नियामक कानूनों का उल्लंघन किया. 15 प्रतिशत कंपनियों ने बौद्धिक संपदा चोरी की शिकायत दर्ज कराई.

50
करोड़

डॉलर

  • इतनी राशि की प्राइवेट इक्विटी निवेश भारत में कानूनी विवादों में उलझी हुई है.
  • क्रॉल इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर रश्मी खुराना के अनुसार, "ज्यादातर मुकदमे प्राइवेट इक्विटी निवेशकों के किसी पोर्टफोलिया कंपनी में धोखाधड़ी की शिकायत से शुरू होते हैं."

27
%

  • कंपनियों को धोखाधड़ी की आशंका के चलते लैटिन अमेरिका में कामकाज करने के लिए हतोत्साहित किया गया.
  • 22% कंपनियों को अफ्रीका में कामकाज न करने की सलाह दी गई. वहीं 14% कंपनियां मध्य और पूर्वी यूरोप में इस नीति पर चलती हैं.

First published: 28 June 2016, 7:31 IST
 
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