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खुशखबरी: अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने के बाद भी भारत ईरान से तेल खरीदता रहेगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 October 2018, 13:49 IST

सोमवार को पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संकेत दिया कि 4 नवंबर से ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत ईरान से तेल का आयात जारी रखेगा. प्रधान ने कहा कि भारत की दो सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों ने नवंबर के लिए ईरानी क्रूड के लिए अनुबंध किया था. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी), मैंगलोर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) ने नवंबर में आयात के लिए 1.25 मिलियन टन ईरानी तेल का अनुबंध किया है. भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, वह ईरानी तेल का भी एक प्रमुख आयातक है.

2017-18 में भारत द्वारा आयातित 220.4 मिलियन मीट्रिक टन (मिलियन टन) कच्चे तेल में से 9.4% ईरान से था. दक्षिण और मध्य एशिया के राज्य के प्रमुख उप सहायक सचिव एलिस जी वेल्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान से तेल आयात करने और चाबहार बंदरगाह में निवेश करने के लिए भारत को मंजूरी देने पर कोई निर्णय नहीं लिया है. वेल्स भारत-अमेरिका '2 + 2' वार्ता के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक Pompeo के साथ प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में थे.

 

उन्होंने कहा कि 4 नवंबर को लागू होने वाले प्रतिबंधों को तेहरान को बुक करने के लिए डिजाइन किया गया था और भारत को दंडित नहीं किया गया था, जो बाहर से कच्चे तेल की आवश्यकताओं का 83% पूरा करता है. ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते मूडी ने आईओसी, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की कमाई में 500 डॉलर मिलियन की गिरावट का अनुमान लगाया था.

प्रधान ने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत ने पेट्रोलियम निर्यात करने वाले देशों (ओपेक) के संगठन द्वारा प्रतिदिन अतिरिक्त 1 मिलियन बैरल प्रति उत्पादन के वादे के सऊदी अरब को भी याद दिलाया है.

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First published: 8 October 2018, 13:46 IST
 
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