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भारत के जीडीपी आंकड़ों पर मॉर्गन स्टेनली ने उठाया सवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 July 2016, 14:10 IST

मॉर्गन स्टेनली के मुख्य वैश्विक रणनीतिकार रुचिर शर्मा ने भारत के आर्थिक वृद्धि के दावों पर संदेह जाहिर किया है. रुचिर शर्मा ने कहा कि भारत के जीडीपी आंकड़ों को ‘बढ़ा-चढ़ाकर’ दिखाया गया है.

आपको बता दें कि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में भारत की जीडीपी 7.9 फीसदी रही. वित्त वर्ष 2015-16 में जीडीपी दर 7.6 फीसदी रही, जो कि आधिकारिक अनुमान के मुताबिक ही है. 2014-15 में देश की जीडीपी 7.2 फीसदी रही थी. 

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भारतीय जीडीपी के इन आंकड़ों पर रुचिर ने कहा, "मुझे लगता है कि भारत के जीडीपी का आंकड़ा बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है.” महंगाई के बारे में उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक का इस साल महंगाई को पांच फीसदी पर लाने का फैसला उभरते बाजार की अर्थव्यवस्थाओं के औसत के अनुरूप है.

उन्होंने एशियाई देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि उच्च महंगाई के साथ कोई भी अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन नहीं करती. रुचिर ने कहा, "अगर आप चीन, कोरिया, ताइवान विश्व की सबसे सफल अर्थव्यवस्थाओं पर नजर डालें, जिन्होंने तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज की है, तो स्पष्ट होता है कि उन्होंने उस दौरान काफी तेजी से बढ़ोत्तरी की जब महंगाई कम थी. इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई उभरते बाजार के औसत से कम रही है.”

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उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अधिक निजी निवेश की जरूरत है. रुचिर ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भारतीय बाजार में तेजी आएगी.

स्वामी भी उठा चुके हैं सवाल

बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कुछ दिनों पहले ट्वीट कर देश की जीडीपी के आंकड़ों पर सवाल उठाए थे. स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, "अगर मैं इंडेक्स नंबर के सैमुअल्सन-स्वामी थ्योरी को भारतीय जीडीपी की गणना या आरबीआई इंटरेस्ट रेट पर लागू करूं, तो मीडिया चिल्लाने लगेगी कि यह पार्टी विरोधी गतिविधि है."

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कई अर्थशास्त्री पिछले दो साल के दौरान भारत के जीडीपी आंकड़ों को लेकर सवाल उठा चुके हैं. हालांकि भारत सरकार को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से समर्थन मिला है, जिसने भारत के आंकड़ों को सही बताया है.

First published: 4 July 2016, 14:10 IST
 
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