Home » बिज़नेस » India's GDP Grows 7.9% In March Quarter
 

अर्थव्यवस्था की ऊंची उड़ान, जीडीपी 7.9 फीसदी पार

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(कैच हिंदी)
QUICK PILL
  • पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ अनुमान बेहतर रही है. चौथी तिमाही में देश की जीडीपी 7.9 फीसदी रही.
  • बेहतर आंकड़ों के बाद वित्त वर्ष 2015-16 में जीडीपी दर 7.6 फीसदी रही जो कि आधिकारिक अनुमान के मुताबिक ही है. 2014-15 में देश की जीडीपी 7.2 फीसदी रही थी. 
  • खराब वैश्विक हालत के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने में सफल रही है. 2016 की तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.3 फीसदी रही थी जो चौथी तिमाही में बढ़कर 7.6 फीसदी हो गई.

देश की आर्थिक वृद्धि दर पटरी पर लौट आई है. पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ अनुमान बेहतर रही है. चौथी तिमाही में देश की जीडीपी 7.9 फीसदी रही. 

बाजार को पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में जीडीपी के करीब 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद थी. 

बेहतर आंकड़ों के बाद वित्त वर्ष 2015-16 में जीडीपी दर 7.6 फीसदी रही जो कि आधिकारिक अनुमान के मुताबिक ही है. 2014-15 में देश की जीडीपी 7.2 फीसदी रही थी. 

2016 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की दर कम होकर 6.7 फीसदी हो गई थी

खराब वैश्विक हालत के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने में सफल रही है. 2016 की तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.3 फीसदी रही थी जो चौथी तिमाही में बढ़कर 7.6 फीसदी हो गई.

देश का आधा हिस्सा फिलहाल सूखे की चपेट में है और दूसरी तरफ वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के हालात है. ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज गति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है.

उम्मीद बना भारत

भारत चीन के मुकाबले अपनी आर्थिक रफ्तार बनाए रखने में सफल रहा है. चीन की जीडीपी लगातार नीचे जा रही है. चीन की विकास दर कम होकर 6.7 फीसदी रह गई है.

कमजोर होती चीन की अर्थव्यवस्था के मुकाबले भारत की तेज आर्थिक गति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर लेकर आई है. 

वित्त वर्ष 2016 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की दर कम होकर 6.7 फीसदी हो गई थी. यह पिछले सात सालों का निचला स्तर था. जनवरी-मार्च तिमाही में खराब जीडीपी आंकड़े सामने आने के बाद भारत की वृद्धि दर को लेकर चिंता बढ़ने लगी थी. 

मौजूदा आंकड़े आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक ही है. इन आंकड़ों के बाद मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ के मजबूत रहने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से अधिक मानसून रहने की भविष्यवाणी की है. वित्त वर्ष 2016-17 की जीडीपी ग्रोथ के लिए यह बेहतर खबर है.

अप्रैल में कोर सेक्टर के आंकड़े भी अच्छे

वहीं दूसरी तरफ कोर सेक्टर के आंकड़े भी अच्छे रहे हैं. औद्योगिक उत्पादन में करीब 38 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले कोर सेक्टर की ग्रोथ में वृद्धि का सिलसिला जारी है.

अप्रैल महीने में 8 कोर इंडस्ट्री की वृद्धि दर बढ़कर 8.5 फीसदी हो गई. मार्च महीने में यह 6.4 फीसदी थी. बिजली के उत्पादन में भी तेजी आई है. अप्रैल में बिजली उत्पादन 11.3 फीसदी से बढ़कर 14.7 फीसदी हो गई. वहीं स्टील का उत्पादन अप्रैल महीने में 3.4 फीसदी से बढ़कर 6.1 फीसदी हो गया.

हालांकि सीमेंट और कोयले के उत्पादन में गिरावट आई है. सीमेंट का उत्पादन अप्रैल महीने में 11.9 फीसदी से घटकर 4.4 फीसदी रहा. वहीं कोयले का उत्पादन 1.7 फीसदी से कम होकर -0.9 फीसदी हो गया.अप्रैल में फर्टिलाइजर्स का उत्पादन भी 22.9 फीसदी से घटकर 7.8 फीसदी हो गया. अप्रैल में कच्चे तेल का उत्पादन -5.1 फीसदी के मुकाबले -2.3 फीसदी रहा जबकि नैचुरल गैस का उत्पादन -10.5 फीसदी के मुकाबले -6.8 फीसदी हो गया. मासिक आधार पर अप्रैल में रिफाइनरी प्रोडक्ट्स का उत्पादन 10.8 फीसदी से बढ़कर 17.9 फीसदी हो गया.

चीन से आगे भारत

नए आंकड़ों के लिहाज से भारत ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था चीन पर अपनी बढ़त बनाए रखी है. वहां इस साल जनवरी-मार्च के दौरान जीडीपी दर पिछले सात साल के सबसे निचले स्‍तर पर गिरकर 6.7 प्रतिशत तक रह गई है. मंगलवार को जारी किए गए यह आंकड़े हाल ही में दो साल का कार्यकाल पूरा करने वाली मोदी सरकार के लिए बड़ी खुशखबरी है. वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में जीडीपी दर उसके पिछले 2014-15 वर्ष के 7.2 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 7.6 प्रतिशत हो गई थी. हालांकि वित्‍तीय वर्ष 2016 में अर्थव्‍यवस्‍था का प्रदर्शन बेहतर रहा लेकिन मौजूदा वित्‍तीय वर्ष 2017 को लेकर अर्थशास्‍त्री और बाजार विश्‍लेषक सतर्क हैं. आर्थिक सर्वे के मुताबिक मौजूदा वित्‍तीय वर्ष में जीडीपी वृद्धि के इससे आगे बढ़ने की उम्‍मीद नहीं है और इसी के आस-पास रहने की संभावना है.

First published: 31 May 2016, 6:54 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी