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बीते छह क्वार्टर की तुलना में इस बार भारत की जीडीपी सबसे धीमी 7.1% रही

नीरज ठाकुर | Updated on: 2 September 2016, 8:13 IST
(कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर वित्तीय वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 7.1 फीसदी रही.
  • 2015-16 की पहली तिमाही में 7.9 फीसदी की वृद्धि के बाद जीडीपी की दर पिछली 6 तिमाहियों में सबसे कम है. 
  • इकोनॉमिक सर्वे में वर्ष 2016-17 में ग्रोथ के 7.7 से 7.15 फीसदी के बीच बने रहने का अनुमान लगाया गया था.

वर्ष 2015-16 की जनवरी-मार्च तिमाही में 7.9 फीसदी की वृद्धि करने के बाद भारत की सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर वित्तीय वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 7.1 फीसदी रही. जीडीपी की यह दर पिछली 6 तिमाहियों में सबसे कम है.

अधिकांश विश्लेषकों के पूर्व अनुमानों के अनुसार यह दर 7.4 से लेकर 7.6 फीसदी रहनी थी लेकिन यह पूर्वानुमानों से काफी कम रही. रेटिंग एजेंसी केयर का अनुमान था कि वित्तीय वर्ष 2017 की प्रथम तिमाही में जीडीपी 7.4 की दर से बढ़ेगी. दूसरी ओर गोल्डमैन साक्स ने इसी अवधि में इसके 7.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था.

जीडीपी की रफ्तार पिछले साल की इसी अवधि में 2.6 फीसदी की तुलना में 1.8 फीसदी सुस्‍त रही.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक ग्रॉस वैल्‍यू एडेड (जीवीए) आधार पर विकास दर 7.3 फीसदी रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में 7.2 फीसदी थी. जीवीए को अर्थव्‍यवस्‍था के प्रदर्शन को मापने का बेहतर साधन माना जाता है. इसमें उत्पाद कर और सब्सिडी को हटाकर गणना की जाती है.

ताजा आंकड़ों के मुताबिक कृषि, वानिकी, मत्स्य पालन आदि क्षेत्र में धीमी रफ्तार के कारण जीडीपी की रफ्तार पिछले साल की इसी अवधि में 2.6 फीसदी की तुलना में 1.8 फीसदी सुस्‍त रही. खनन और खदान क्षेत्र में इसी समतुल्य अवधि में 8.5 फीसदी की अपेक्षा -0.04 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की ग्रोथ बढ़कर 9.1 फीसदी पहुंच गई, जो पिछले साल 7.3 फीसदी रही थी. इसी तरह ऊर्जा क्षेत्र की ग्रोथ भी पिछले साल 4 फीसदी की अपेक्षा 9.4 फीसदी तक बढ़ी. निर्माण क्षेत्र ने जीडीपी के आंकड़ों को झटका दिया है. यह ग्रोथ 1.5 फीसदी रही. पिछले साल इस अवधि के दौरान यह 5.6 फीसदी थी. ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन क्षेत्र में ग्रोथ पिछले साल की तुलना में 8.1 फीसदी तक रही. फाइनेंसिंग, इंश्‍योरेंस, रीयल एस्टेट सेक्टर में वृद्धि 9.3 फीसदी की तुलना में 9.4 फीसदी रही.

निर्माण क्षेत्र ने जीडीपी के आंकड़ों को झटका दिया है. यह ग्रोथ 1.5 फीसदी रही जबकि पिछले साल यह 5.6 फीसदी थी.

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी माइनिंग, उत्खनन और ऊर्जा क्षेत्र के बीच ग्रोथ के अंतर पर आश्चर्य जताते हैं. आम तौर पर ऊर्जा क्षेत्र में ग्रोथ को देश में खनन गतिविधियों से जोड़कर देखा जाता है और इससे खनन क्षेत्र में भी ग्रोथ होता है.

पूरे साल के लिए आर्थिक सर्वेक्षण ने वर्ष 2016-17 में ग्रोथ के 7.7 से 7.15 फीसदी के बीच बने रहने का अनुमान लागया लगाया था, लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खुलेआम दावा किया था कि यदि दो साल के बाद मानसून सही समय पर आया और अच्छी बारिश हुई तो भारत की आर्थिक विकास दर 8.5 तक जा सकती है.

First published: 2 September 2016, 8:13 IST
 
नीरज ठाकुर @neerajthakur2

सीनियर असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़. बिज़नेसवर्ल्ड, डीएनए और बिज़नेस स्टैंडर्ड में काम कर चुके हैं.

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