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तेजी से गिर सकता है भारत का 67 फीसदी की दर से बढ़ता मोबाइल डाटा ट्रैफिक

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 May 2016, 11:05 IST
(कैच हिंदी)
67
फीसदी

कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट से भारत में मोबाइल डाटा ट्रैफिक बढ़ रहा है.

जब दुनिया डिजिटल होती जा रही तो ऐसे में विशेषरूप से टेलीकॉम सेवाओं में बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था को आंकने का महत्वपूर्ण सूचकांक बन गया है.

इस परिप्रेक्ष्य में एक बुरी खबर यह है कि स्मार्टफोन का डाटा बिजनेस गिर रहा है. कारण यह कि मेट्रो शहरों के बाजार अपनी अधिकतम सीमा को छू चुके हैं.

क्या हमें चिंता करने की जरूरत है? देखते हैं कि आंकड़े क्या कहते हैं.

67
फीसदी

  • कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट है भारत में मोबाइल डाटा ट्रैफिक का. यह आंकड़ा सिस्को का है.
  • यह भी अनुमान है कि मोबाइल डाटा ट्रैफिक 2014 से लेकर 2019 तक 13 गुना बढ़ जाएगा.
  • 1.1
    एग्जाबाइट्स

  • मोबाइल डाटा का ट्रैफिक प्रतिमाह हो जाएगा 2019 तक.
  • यह 28 करोड़ 50 लाख डीवीडी के स्पेस के बराबर है.
  • 2014 में 87.9 पेटाबाइट्स डाटा का इस्तेमाल किया गया.
  • 51
    फीसदी

  • हिस्सेदारी होगी 'स्मार्ट' मोबाइल कनेक्शंस की 2019 तक.
  • इसका मतलब कि 2014 से इनमें 8 फीसदी की बढ़त होगी.
  • इतना ही नहीं, 2019 तक 89 फीसदी डाटा ट्रैफिक 'स्मार्ट' होगा, जो 2014 के 43 फीसदी की तुलना में दोगुना होगा.
  • 122350
    करोड़

  • डाटा यूजेज सितंबर 2015 में समाप्त तिमाही में शीर्ष चार टेलीकॉम ऑपरेटर्स का थाः मीडियानामा
  • कुल मिलाकर इन टेलीकॉम कंपनियों के 8 करोड़ 60 लाख 3G and 10 करोड़ 90 लाख 2G कनेक्शन हैं. जिनमें 80 लाख 3G और 10 लाख 2G कनेक्शंस सितंबर में समाप्त तिमाही में जुड़े और बंद हुए.
  • दिलचस्प है कि सितंबर 2015 तक मोबाइल के जरिये डाटा इस्तेमाल में 127 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या में केवल 40 फीसदी का ईजाफा हुआ. इसका साफ मतलब है कि लोग मोबाइल पर ज्यादा डाटा का इस्तेमाल कर रहे हैं.
  • 31.40
    करोड़

  • है 2017 के अंत तक मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की अनुमानित संख्याः इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया
  • फिलहाल इन यूजर्स की संख्या 15.90 करोड़ है.
  • एक अन्य अच्छी खबर यह है कि 2013 से 2018 के बीच 4G यूजर्स की प्रस्तावित सालाना विकास दर 344 फीसदी है.
  • First published: 26 May 2016, 11:05 IST
     
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