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जुलाई में थोक महंगाई दर में दोगुने से अधिक की उछाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 August 2016, 13:50 IST
QUICK PILL
  • खाद्य और गैर खाद्य पदार्थों की कीमतों में आई उछाल की वजह से जुलाई में थोक महंगाई दर में दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.
  • जुलाई में डब्ल्यूपीआई आधारित महंगाई दर बढ़कर 3.55 फीसदी हो गई जबकि पिछले महीने यह 1.62 फीसदी थी.
  • जुलाई के दौरान खाद्य महंगाई दर पिछले महीने के 8.18 फीसदी से बढ़कर 11.82 फीसदी हो गई जबकि गैर खाद्य पदार्थों की महंगाई दर जून के 5.72 फीसदी के मुकाबले जुलाई में बढ़कर 9.49 फीसदी हो गई. 
  • महंगाई की वजह से ही आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने अपनी अंतिम मौद्रिक समीक्षा नीति में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था.

खाद्य और गैर खाद्य पदार्थों की कीमतों में आई उछाल की वजह से जुलाई में थोक महंगाई दर में दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. जुलाई में डब्ल्यूपीआई आधारित महंगाई दर बढ़कर 3.55 फीसदी हो गई जबकि पिछले महीने यह 1.62 फीसदी थी.

जुलाई के दौरान खाद्य महंगाई दर पिछले महीने के 8.18 फीसदी से बढ़कर 11.82 फीसदी हो गई जबकि गैर खाद्य पदार्थों की महंगाई दर जून के 5.72 फीसदी के मुकाबले जुलाई में बढ़कर 9.49 फीसदी हो गई. 

खाद्य महंगाई दर में आई उछाल की अहम वजह अनाज, दाल और फलों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी रही जबकि गैर खाद्य पदार्थों की बढ़ी महंगाई के पीछे फाइबर और ऑयल सीड्स की कीमतों में आई तेजी रही.

महंगाई की वजह से ही आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने अपनी अंतिम मौद्रिक समीक्षा नीति में ब्याज दरों में कोई बदलाव

हाल ही में खुदरा महंगाई दर का आंकड़ा सामने आया था. जुलाई महीने में खुदरा महंगाई दर 23 महीने के रिकॉर्ड स्तर 6.07 फीसदी को पार कर गया था. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 6 फीसदी महंगाई दर का लक्ष्य रखा है जो जुलाई महीने में टूट गया. 

महंगाई की वजह से ही आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने अपनी अंतिम मौद्रिक समीक्षा नीति में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था. राजन महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दर को अहम मानते रहे हैं. मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में कटौती नहीं किए जाने के फैसले को लेकर राजन को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.

बेहतर मानसून से बढ़ी उम्मीदें

लगातार दो साल के सूखे के बाद इस साल मानसून के बेहतर रहने की वजह से आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों की महंगाई में कमी आने का अनुमान है. देश भर में इस बार बेहतर मानसून रहा है. भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जून से सितंबर के बीच सामान्य से 3 फीसदी अधिक बारिश हुई है.

सूखे की वजह से आपूर्ति के मोर्चे पर आई कमी के कारण फलों और सब्जियों की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई. बेहतर मानसून के बाद आपूर्ति में  होेने वाली तेजी से इन खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आने का अनुमान है.

First published: 16 August 2016, 13:50 IST
 
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