Home » बिज़नेस » India to start 5G trials in 100 days; no decision on Huawei yet: R S Prasad
 

अगले 100 दिन में भारत में होगा 5G का परीक्षण लेकिन अमेरिका बन सकता है रोड़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 June 2019, 13:39 IST

दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत इस साल 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी करेगा, लेकिन अभी यह तय नहीं किया गया है कि चीनी कंपनी हुआवेई को परीक्षण में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी या नहीं. इससे पहले अमेरिकी रक्षा सचिव कह चुके हैं कि अमेरिकी अपने साझेदारों से चीनी दूरसंचार कंपनी हुआवेई पर अपनी 5जी प्रौद्योगिकी के लिए प्रतिबंध के लिए कहेगा.

हुआवेई चीनी सरकार के बहुत करीब माना जाता है. अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह उन देशों के साथ खुफिया साझाकरण में कटौती कर सकता है जो चीनी टेलीकॉम कंपनियों को चुनते हैं. हालांकि भारत ने 5जी दूरसंचार नेटवर्क के लिए अपनी प्रक्रिया से हुआवेई पर प्रतिबंध लगाने पर अपना रुख  साफ़ नहीं किया है.

हालही में गूगल में हुआवेई के  एंड्राइड लाइसेंस को केंसिल कर दिया था. ट्रम्प प्रशासन ने पिछले महीने हुआवेई और इसके सहयोगियों को एक ब्लैकलिस्ट पर रखा था, जो कि सरकारी अनुमोदन के बिना अमेरिकी फर्मों से घटकों को खरीदने से 5 जी तकनीक में अग्रणी मानी जाने वाली दूरसंचार उपकरण कंपनी को प्रभावी ढंग से प्रतिबंधित कर दिया था.

 

रविशंकर प्रसाद ने कहा "हम इस पर दृढ़ विचार करेंगे. यह केवल प्रौद्योगिकी का मामला नहीं है, क्योंकि 5 जी में उनकी भागीदारी का संबंध है. दूरसंचार मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा, "किसी विशेष कंपनी को भाग लेने की अनुमति है या नहीं, सुरक्षा मुद्दों सहित एक जटिल प्रश्न है."

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने टेलीकॉम फ़्रीक्वेंसी के लगभग 8,644 मेगाहर्ट्ज की नीलामी की सिफारिश की है, जिसमें 5जी सेवाओं के लिए 4.9 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित कुल कीमत है, लेकिन टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि वे कीमत का जोखिम नहीं उठा सकते हैं.

प्रसाद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दूरसंचार पर संसद की स्थायी समिति या वित्त समिति 5 जी के मूल्य निर्धारण पर एक समाधान प्रदान करेगी. प्रसाद ने कहा, "हमारा यह प्रयास रहेगा कि 5 जी तकनीक का इस्तेमाल वंचित वर्गों, सामाजिक कारणों, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी किया जाए और प्रौद्योगिकी को ग्रामीण लोगों तक पहुंचाया जा." प्रसाद ने कहा कि उनका उद्देश्य भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) को पुनर्जीवित करना है.

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First published: 4 June 2019, 13:15 IST
 
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