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UPA के दौर में दो बार देश की जीडीपी ने दोहरे अंकों को पार किया : पैनल की रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 August 2018, 11:52 IST

मनमोहन सिंह सरकार (2004-14) के कार्यकाल के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था दो अंकों में बढ़ी. रियल सेक्टर के आंकड़ों पर एक पैनल द्वारा दिए गए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बैक-डेट डेटा में इस बात को दर्शाया गया है.  आंकड़ों से पता चला है कि 2007-08 में सकल घरेलू उत्पाद में 10.23 प्रतिशत और 2010-11 में 10.78 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

नई श्रृंखला 2011-12 में आधार वर्ष और पहले की श्रृंखला 2004-05 और 1993-94 के रूप में है. हालांकि नए आंकड़े विकास में गिरावट दिखाते हैं. उदाहरण के लिए, 2008-09 में पहले 6.72 प्रतिशत के मुकाबले नई संख्या के मुताबिक विकास दर 4.15 फीसदी है, जब वैश्विक वित्तीय मंदी के चलते भारत पर प्रभाव पड़ा है.

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के अधिकारियों ने रिपोर्ट जारी कर कहा कि पैनल द्वारा प्रदान किया गया आंकड़ा "संकेतक" था और राष्ट्रीय लेखा इन आंकड़ों के आधार पर अंतिम चार सप्ताह में काम करेगा. 2011-12 से नई श्रृंखला के अनुरूप होने के लिए बैक सीरीज़ डेटा अब सकल घरेलू उत्पाद के लिए 1994-95 पर जा रहा है.

वास्तविक क्षेत्र के आंकड़ों की समिति का नेतृत्व सुदीप मंडल कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष और चौदहवें वित्त आयोग के सदस्य हैं. पैनल ने जीडीपी बैक-सीरीज़ उत्पन्न करने के लिए दो तरीकों का इस्तेमाल किया.

राष्ट्रीय वित्त और नीति संस्थान, एन आर भानुमूर्ति जो समिति के सदस्य हैं, ने कहा: "हमने उपलब्ध आधार डेटा लिया है और फिर पिछली गणना की है. हमने पुरानी श्रृंखला और नई श्रृंखला के बीच अंतर लिया है.

पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद् प्रणब सेन ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि और नई श्रृंखला के पहले अनुमानों के बीच मतभेद अपेक्षित लाइनों पर थे. उन्होंने कहा कि नई संख्या 2004-05 से 2007-08 के लिए पुरानी श्रृंखला की तुलना में उच्च वृद्धि दर्शाती है, जिसकी उम्मीद थी.

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First published: 18 August 2018, 10:24 IST
 
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