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इंडियन ऑयल अपनी रिफाइनरी की क्षमता बढाने के लिए खर्च करने जा रहा है इतनी बड़ी रकम

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2018, 16:44 IST

देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्प लिमिटेड अपनी रिफाइनरी क्षमता को दोगुनी करने के लिए 751.75 लाख करोड़ निवेश करेगा. साथ ही पेट्रोकेमिकल उत्पादन को बढ़ाने, गैस कारोबार का विस्तार करने के लिए नई पाइपलाइनों को शुरू करने की योजना बना रही है.

इंडियन आयल के अध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि इंडियन आयल 2030 तक प्रति वर्ष 150 मिलियन टन प्रति वर्ष 80.7 मिलियन टन से अपनी रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहा है. वर्तमान में इसके पास देश में की 23 तेल रिफाइनरियों में से 11 का स्वामित्व है.

 

सिंह के मुताबिक, 2030 तक लगभग दोहरी परिष्करण क्षमता की योजना में "चेन्नई पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) की सहायक ग्रीनफील्ड रिफाइनरियां और प्रस्तावित रत्नागिरी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (आरआरपीसीएल) शामिल हैं, जिनमें कई ब्राउनफील्ड विस्तार शामिल हैं."

एक बार पूरा होने के बाद, रत्नागिरी रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स होगी जिसकी सालाना 60 मिलियन टन की क्षमता होगी. इस परियोजना को राज्य के स्वामित्व वाली भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के साथ साझेदारी में सऊदी अरामको और संयुक्त अरब अमीरात के एडीएनओसी के साथ साझेदारी में चलाया जायेगा.
साथ ही 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की संयुक्त पूंजीगत व्यय के साथ कई पाइपलाइन परियोजनाएं कार्यान्वित हो रही हैं. सिंह ने कहा इसके पूरा होने पर, इंडियन आयल का पाइपलाइन नेटवर्क करीब 20,000 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को नेपाल में परिवहन के लिए 69 किलोमीटर की पाइपलाइन भी लगाई जा रही है.

इंडियन ऑयल के मौजूदा निवेश में यूरो-6 उत्सर्जन मानदंडों को यूरो-4 ईंधन के उत्पादन के मुकाबले यूरो -6 उत्सर्जन मानदंडों के अनुरूप पेट्रोल और डीजल का उत्पादन करने के लिए रिफाइनरियों को अपग्रेड करने में 6 16,628 करोड़ शामिल हैं. कंपनी पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं के विस्तार में 6 15,600 करोड़ रुपये और अपनी मौजूदा रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाने में 74,600 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है.

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First published: 5 August 2018, 16:35 IST
 
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