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बीमार रुपये का मोदी ने निकाला 'जापानी इलाज', अब नहीं चलेगी अमेरिका की तानाशाही

दीपक कुमार सिंह | Updated on: 30 October 2018, 14:13 IST

जापान और भारत एक दूसरे के पारंपरिक सहयोगी रहे हैं. जापान अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी हमेशा से भारत का समर्थन करता है. प्रधनमंत्री मोदी ने जापान यात्रा के दौरान अपने समकक्ष शिंजो अबे के साथ कई अहम मुद्दे पर समझौता किया है. इसी क्रम में भारत और जापान के बीच 75 अरब डॉलर का "करेंसी स्वाप" समझौता हुआ है. इसका मुख्य उद्देश्य रुपये की कमजोरी को दूर कर भारतीय करेंसी को मजबूत करना है. आर्थिक विशेषज्ञ इसे रुपये का बैक-अप पैकेज मान रहे हैं.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर समझौते के बारे जानकारी दी और कहा, '"भारत और जापान के बीच 75 अरब डॉलर के द्विपक्षीय स्वाप समझौते पर सहमति बनी है. पहले हमने इस तरह का जो समझौता किया था, यह उससे 50 फीसदी अधिक रकम का होगा."

क्या है करेंसी स्वाप

इस समझौते का मतलब यह है कि जरूरत पड़ने पर जापान हमें 75 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा देगा. इससे देश के खजाने में विदेशी मुद्रा भंडार और पूंजी बाजार (कैपिटल मार्केट्स) में स्थिरता आएगी. गौरतलब है कि जापान ने साल 2013 में 50 अरब डॉलर का करेंसी स्वाप ऑफर किया था और 2008 में 3 अरब डॉलर का ऐसा ऑफर दिया था.

करेंसी स्वाप से रुपये को मिलेगा बड़ा सपोर्ट

किसी देश के करेंसी की मजबूती उस देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर काफी हद तक निर्भर करती है. भारत के पास अभी 393.5 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है. जापान के साथ "करेंसी स्वाप" समझौते से 75 अरब डॉलर का अतिरिक्त विदेशी मुद्रा भंडार जरुरत समय उपलब्ध होगा. मतलब रुपये की कमजोरी को सपोर्ट करने के लिए यह दूसरी रक्षा पंक्ति है. इस समझौते के मुताबिक, भारत रुपये में भुगतान करके जापान से उसके बदले डॉलर ले सकता है.

जरुरत पड़ने पर जापान भी अपनी करेंसी "येन" देकर भारत से डॉलर की मांग कर सकता है. करेंसी को सपोर्ट देने के लिए इसका उपयोग जरूरत पड़ने पर ही किया जाएगा. दोनों देशों को इससे शॉर्ट टर्म में कैश की कमी से निपटने में मदद मिलेगी और दोनों ही करेंसी को सुरक्षा कवच मिलेगा.

रुपये में इस साल 13 फीसदी की गिरावट

साल 2018 की शुरुआत से अब तक डॉलर के मुकाबले रुपये में 13 की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई. इतिहास में पहली बार यूएस डॉलर के मुकाबले रुपया 74.48 तक पहुंच गया. फ़िलहाल रुपये ने थोड़ी रफ्तार पकड़ी और 73.41 तक मजबूत हुआ. अगर अमेरिका की मनमानी से रुपये पर कोई घोर संकट आता है तो जापान के साथ 75 अरब डॉलर के करेंसी स्वाप समझौते से इसे मजबूती मिलेगी और देश पर आर्थिक संकट आने के आसार हद तक कम जाएंगे.

रुपये का जापानी-इलाज

अमेरिका द्वारा छेड़ा गया व्यापर युद्ध (ट्रेड वॉर) ने कई एशियाई देशों की मुद्रा को तोड़ दिया है. इसके चपेट में तुर्की, ईरान सहित कई देश हैं. अमेरिका द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी, कच्चे तेल के दाम में तेजी से भारतीय करेंसी में रुपये में भी सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई. लेकिन पीएम मोदी ने जापान से समझौता कर कमजोर होते करेंसी का जापानी-इलाज निकाल लिया है.

First published: 30 October 2018, 14:13 IST
 
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