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स्वतंत्रता दिवस से पहले रुपये में रिकॉर्ड गिरावट, पहुंचा 70.07 पैसे प्रति डॉलर पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 August 2018, 11:34 IST

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया 69.05 रुपये प्रति डॉलर से 70.07 के रिकार्ड स्तर तक पहुंच गया. सोमवार को यह 68.83 के करीब 110 पैसे कम होकर 69.93 पर बंद हुआ था. जो 3 सितंबर 2013 से डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा एकल सत्र गिरावट है.

रुपये में गिरावट का मुख्य कारण तुर्की की मुद्रा लीरा है जो अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. माना जा रहा है कि तुर्की का आर्थिक संकट अन्य वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में फैल सकता है. तकनीकी पैटर्न इंगित कर रहा है कि रुपया प्रति डॉलर 71 रुपये को छू सकता है.

मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट के अनुसार तुर्की की लीरा में गिरावट के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सबसे कम स्तर पर पहुंच गया यह पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा एक दिवसीय गिरावट है. तुर्की में उथल-पुथल ने न केवल भारतीय रुपये पर वजन कम किया बल्कि अधिकांश एशियाई मुद्राओं पर भी दबाव डाला है. इस साल रुपया 7% से नीचे है और एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन मुद्राओं में से एक रही है."

घरेलू मोर्चे पर भारत की मुद्रास्फीति में पिछले महीने की तुलना में जुलाई में कीमतों में वृद्धि देखी गई, जो आरबीआई की अगली बैठक में दरों को मजबूत कर सकता था. जुलाई में मुद्रास्फीति पिछले महीने 4.9 2% की वृद्धि के मुकाबले 4.17% बढ़ी.

10 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तुर्की से धातु आयात पर उच्च शुल्क की घोषणा की थी. रविवार को एर्डोगन ने तुर्की से युद्ध करने का विदेशी देशों पर आरोप लगाया, द गार्जियन के अनुसार उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ट्रम्प प्रशासन की योजना का मुकाबला करने के लिए उचित व्यापार उपायों का पालन करेगी. कोल इंडिया सोमवार सुबह सेंसेक्स पर शीर्ष लाभकर्ता था, इसके बाद सन फार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा और विप्रो. निफ्टी 50 पर, टेक महिंद्रा शीर्ष लाभकारी था.

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First published: 14 August 2018, 11:32 IST
 
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