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अब हर 6 महीने में आपको करना होगा अपने Sim Card का वेरिफिकेशन, ये हैं नए नियम

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 July 2020, 11:27 IST

Sim Card Verification rules changed: मोबाइल सिम कार्ड (Mobile Sim Card) के वेरिफिकेशन को लेकर सरकार ने कड़े नियम कर दिए हैं. सिम कार्ड वेरिफिकेशन (Sim Card Verification) में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग में बल्क बायर और कंपनियों (Bulk Buyer and Companies) के लिए ग्राहक वेरिफिकेशन (Customer Verification) नियमों में बदलाव कर दिया है. अब ये नियम पहले के मुकाबले सख्त कर दिया गया है. जिससे सिम कार्ड के लेन देन में होने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सके. नए नियमों के मुताबिक टेलीकॉम कंपनी को नया कनेक्शन देने से पहले कंपनी के रजिस्ट्रेशन की जांच करनी होगी.

इसके अलावा कंपनी हर ग्राहक का हर 6 महीने में वेरीफिकेशन भी करेगी. बता दें कि सरकार ने कंपनियों के नाम पर सिम कार्ड का फ्रॉड बढ़ने की वजह से यह फैसला लिया गया है. कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Corporate Affairs) से कंपनी के रजिस्ट्रेशन की जांच करनी होगी. इससे पहले दूरसंचार विभाग (Department of Telecom) ने टेलीकॉम ग्राहकों के वेरिफिकेशन पेनल्टी के नियमों में ढील देने का फैसला किया था. हर छोटी गलती के लिए टेलीकॉम कंपनियों (Indian Telecom Companies ) पर 1 लाख़ रुपये की पेनल्टी नहीं लगेगी.


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गौरतलब है कि सरकार अब तक ग्राहक वेरिफिकेशन (Costumer Verification) के नियमों का पालन न करने पर टेलीकॉम कंपनियों पर 3,000 करोड़ से ज्यादा की पेनल्टी लगा चुकी है. सरकार ने कंपनियों पर सख्ती बरते हुए नया नियम लागू किया है. जिसमें हर 6 महीने में कंपनी की लोकेशन का वेरिफिकेशन करना होगा. कंपनी के वेरिफिकेशन के समय लोंगिट्यूड लाटीट्यूड आवेदन फॉर्म में डालना पड़ेगा. कंपनी ने कनेक्शन किस कर्मचारी को दिया है इसकी जानकारी भी देनी होगी. नए नियम लागू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को 3 महीने का वक्त मिलेगा.

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दूरसंचार विभाग ने ग्राहक वेरिफिकेशन के नियम आसान कर दिए थे. विभाग ने पेनल्टी के नियमों में ढील दी है. अब सिर्फ चुनिंदा मामलों में ही 1 लाख रुपये की पेनल्टी लगेगी. पहले कंपनी को ग्राहक आवेदन फॉर्म में हर एक गलती पर 1000 से 50000 रुपये की पेनल्टी देनी होती थी. गौरतलब है कि हाल के दिनों में साइबर क्राइम के मामलों में भी तेजी आई है. ऐसे में सिम कार्ड का हर छह महीने में वेरिफिकेशन साइबर अपराधों पर भी किसी हद तक रोक लगाने में संभव होगा.

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First published: 22 July 2020, 11:27 IST
 
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