Home » बिज़नेस » Infosys founder Narayana Murthy says Quitting Infosys in 2014 biggest regret of life.
 

Infosys के फाउंडर नारायणमूर्ति को किस चीज का है पछतावा, किया ख़ुलासा

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 July 2017, 16:29 IST

भारत की प्रमुख आईटी सेवा कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति ने अपने दूसरे कार्यकाल के बाद 2014 में इस सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी को छोड़ने के निर्णय को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल करार दिया. उसी दौरान उन्होंने कंपनी की कमान गैर-संस्थापक प्रबंधन एवं बोर्ड को सौंप दी थी. 

इंफोसिस के को-फाउंडर मूर्ति कंपनी के प्रमुख विशाल सिक्‍का के मैनेजमेंट के तरीके से नाराज हैं, हालांकि उन्‍होंने ये जरूर कहा कि वह रोज कंपनी के कैंपस में पहुंचना नहीं भूलते. एक न्‍यूज चैनल को दिए इंटरव्‍यू में उन्‍होंने अपने सबसे बड़े पछतावे के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्‍हें इंफोसिस के चेयरमैन का पद नहीं छोड़ना चाहिए था.

मूर्ति ने बताया कि उनके साथ कंपनी शुरू करने वाले दूसरे फाउंडर्स ने उन्‍हें चेयरमैन के पद पर कुछ और साल बने रहने का सुझाव दिया था, लेकिन मैंने उनकी नहीं सुनी. मूर्ति ने कहा कि मैं एक भावुक व्‍यक्ति हूं. मेरे ज्‍यादातर फैसले सिद्धांतों पर आधारित होते हैं. मुझे अपने को-फाउंडर साथियों की बात सुन लेनी चाहिए थी.

नारायण मूर्ति ने 2014 में कंपनी से विदाई ले ली थी. कंपनी से विदा लेने के 33 साल पहले उन्‍होंने अपने 6 अन्‍य साथियों के साथ कंपनी शुरू की थी. अक्‍टूबर 2014 में पूर्व सैप बोर्ड सदस्‍य विशाल सिक्‍का ने सीईओ के तौर पर कंपनी की कमान संभाली थी. तब मूर्ति दूसरी बार चेयरमैन का पद संभाल रहे थे. उन्‍होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया.

First published: 18 July 2017, 16:29 IST
 
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