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इंफोसिस के खराब नतीजों से निराश हुआ बाजार

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 July 2016, 14:47 IST
QUICK PILL
  • मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इंफोसिस के नतीजे खराब रहे हैं. कंपनी ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए राजस्व अनुमान को कम करते 11.5-13.5 फीसदी से घटाकर 10.5-12 फीसदी कर दिया है.
  • नतीजे सामने आने के बाद कंपनी के शेयर 10 फीसदी तक टूट गए. बीएसई सेंसेक्स में इंफोसिस का शेयर फिलहाल 8.25 फीसदी की कमजोरी के साथ ट्रेड कर रहा है.

फाइनेंशियल ईयर 2016-17 की पहली तिमाही के इंफोसिस के नतीजों ने बाजार और निवेशकों को झटका दिया है. हालांकि पिछले महीने इंफोसिस ने मौजूदा वित्त वर्ष को लेकर कुछ संकेत दिए थे लेकिन किसी को ऐसे नतीजों की उम्मीद नहीं थी. 

मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी के मुनाफे में 4.5 फीसदी की कमी आई है. कंपनी का मुनाफा घटकर 3,436 करोड़ रुपये हो गया है. पिछली तिमाही में कंपनी को 3,597 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था.  

मौजूदा वित्त वर्ष के चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद में कंपनी ने 2017 के लिए राजस्व अनुमान को कम कर दिया है. कंपनी ने 2017 के लिए राजस्व अनुमान को 11.5-13.5 फीसदी से घटाकर 10.5-12 फीसदी कर दिया है. हालांकि कंपनी ने मध्यम अवधि के लिए 24-26 फीसदी मार्जिन अनुमान को बरकरार रखा है.

कंपनी ने 2017 के लिए राजस्व अनुमान को 11.5-13.5 फीसदी से घटाकर 10.5-12 फीसदी कर दिया है

कंपनी का कुल राजस्व पिछले साल के मुकाबले 16.9 फीसदी अधिक रहा. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने कुल 16,782 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था. 

जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा है. कंपनी के राजस्व में महज 1.7 फीसदी का इजाफा हुआ. कंपनी के खराब नतीजों पर बाजार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. बीएसई सेंसेक्स में कंपनी का शेयर 10 फीसदी तक टूट गया.

कंपनी के सीईओ विशाल सिक्का ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजों में राजस्व वृद्धि को लेकर निराशा हुई है. कंपनी के कंसल्टिंग कारोबार में एक फीसदी से ज्यादा का नुकसान हुआ है. 

हालांकि यह पहली बार नहीं हुआ है जब किसी कंपनी ने पहली तिमाही के नतीजों के बाद अपने राजस्व अनुमान में कटौती की है. ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से बाहर होने के संभावित नजीजे अभी सामने आनेे बाकी हैं.

सिक्का ने कहा, 'हमने कंसल्टिंग सर्विसेज और पैकेज इंप्लीमेंटेशन में किए जाने वाले खर्च में होने वाली कमी को लेकर अंदेशा जताया था.'

कंपनी के तिमाही नतीजों से पहले ही सिक्का के सहयोगी सैमसन डेविड ने इस्तीफा दे दिया था. सैमसन इस साल एचपीई ज्वाइन कर रहे हैं. सिक्का के सीईओ बनने के बाद से डेविड पाचंवें बड़े अधिकारी हैं जिन्होंने इंफोसिस से इस्तीफा दिया है. 

जून तिमाही आम तौर पर भारत की आईटी कंपनियों के लिए बेहतर रहता है. इंफोसिस के खराब नतीजे वैसे समय में सामने आए हैं जब दुनिया में आईटी खर्च की रफ्तार दशक भर में सबसे सुस्त है. जुलाई महीने में गार्टनर ने 2016 में 3.41 ट्रिलियन डॉलर आईटी खर्च रहने का अनुमान जाताया था.

First published: 15 July 2016, 14:47 IST
 
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