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सिर्फ पॉपकॉर्न और कोल्ड ड्रिंक से इतना कमा लेते हैं PVR और INOX जैसे सिनेमाघर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 August 2018, 16:48 IST

आपने किसी को भी यह कहते सुना होगा कि फिल्म के टिकट की लिए 150 रुपये और पॉपकॉर्न की 200 रुपये! इस बात का असली मतलब समझना है तो आपको बता दें कि खाद्य और पेय पदार्थ (एफ एंड बी) की बिक्री भारत की अग्रणी मल्टीप्लेक्स इनॉक्स और पीवीआर जैसी कंपनियों को लगभग लगभग 25% राजस्व में योगदान देती है.

2018-19 की पहली तिमाही में पीवीआर ने एफ एंड बी बिक्री से 202.71 करोड़ रुपये कमाए, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही से 23% की उछाल थी . यह हाई-मार्जिन सेगमेंट पीवीआर के कुल तिमाही राजस्व का लगभग 30% या 684.36 करोड़ रुपये है.

 

यह कहानी इनॉक्स में भी कुहक अलग नहीं है, जहां एफ एंड बी सेगमेंट ने पिछले तिमाही में कुल राजस्व का 26.8% योगदान दिया था. बॉक्स ऑफिस संग्रह के बाद, मल्टीप्लेक्स चेन के लिए राजस्व का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत खाद्य और पेय पदार्थ है.

मई 2018 में जारी अपनी नवीनतम निवेशक प्रजेंटेशन में इनॉक्स लेजर का कहना है कि 2017-18 के दौरान एफ एंड बी से उसका राजस्व 306 करोड़ रुपये था जबकि एफ एंड बी लागत केवल 74.4 करोड़ रुपये थी. इसलिए इनॉक्स को एफ एंड बी बिक्री पर लगभग 400 फीसदी लाभ हुआ.

प्रति स्क्रीन के आधार पर देखा जाये तो इनॉक्स एफ एंड बी बिक्री से औसत 77.8 करोड़ रुपये कमाता है जबकि इसके व्यय का खर्च 20.4 करोड़ रुपये है.

इनॉक्स के अनुसार भारतीय मल्टीप्लेक्स उद्योग पिछले तीन वर्षों में 14% की संयुक्त वार्षिक दर से बढ़ रहा है, लेकिन एफ एंड बी और विज्ञापन जैसे सहायक सेगमेंट से राजस्व 21% पर तेजी से बढ़ गया है.

इनॉक्स की भारत में लगभग 500 स्क्रीन हैं और वह एफ एंड बी उत्पादों पर एक यात्रा के दौरान औसत मूवी-गोयर 66 रुपये खर्च करता है. कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक औसत टिकट की कीमत 193 रुपये है. पीवीआर के लिए एफएंडबी पर प्रति व्यक्ति औसत व्यय 2016-17 में 12% की वृद्धि हुई.

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First published: 10 August 2018, 16:48 IST
 
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