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INX मीडिया केस : चिदंबरम को झटका, न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर तक बढ़ाई गई

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 November 2019, 17:56 IST

दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर तक बढ़ा दी है. चिदंबरम को 21 अगस्त को CBI द्वारा गिरफ्तार किया गया था, वह 17 अक्टूबर से प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं. वह 5 सितंबर से तिहाड़ जेल में हैं. इससे पहले दिन सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम, की जमानत की सुनवाई स्थगित कर दी. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति आर बानुमति की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की तीन-न्यायाधीशों की पीठ को बताया कि ईडी केवल कांग्रेस नेता को यथासंभव लंबे समय तक हिरासत में रखना चाहती है.

सिब्बल ने कहा कि इससे पहले ईडी ने तर्क दिया था कि चिदंबरम की उन्हें पूछताछ के लिए जरूरत थी, लेकिन तब उन्होंने उनसे पूछताछ नहीं की. वे बस उन्हें जेल में रखना चाहते हैं." चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज करने के हाईकोर्ट के आदेश की ओर इशारा करते हुए सिब्बल ने कहा "यह कहा जा रहा है कि अगर मुझे जमानत पर रिहा किया जाता है तो लोगों में एक गलत संदेश जाएगा, जैसे कि मैं रंगा बिल्ला हूं. रंगा और बिल्ला 1970 के दशक में दो अपराधी थे जो मुंबई की आर्थर रोड जेल से रिहा होने के बाद दिल्ली आए थे. उन्होंने अगस्त 1978 में दो किशोरों का अपहरण किया था.


सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस नेता के खिलाफ आरोप अभी स्थापित नहीं हुए हैं. 15 नवंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने चिदंबरम को जमानत देने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि आरोप प्रकृति में गंभीर हैं और उन्होंने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी. हालांकि अदालत ने कहा कि इसके अवलोकन प्रकृति में अंतिम नहीं हैं. पूर्व वित्त मंत्री ने तीन दिन बाद शीर्ष अदालत का रुख किया था. मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस नेता की जमानत अर्जी का विरोध किया और आरोप लगाया कि उन्होंने व्यक्तिगत लाभ के लिए वित्त मंत्री के कार्यालय" का इस्तेमाल किया.

अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री को केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा की जा रही पूछताछ के सिलसिले में जमानत दे दी थी, उन्होंने इस विवाद को खारिज कर दिया था कि उनके देश से भागने का खतरा था. प्रवर्तन निदेशालय ने मई 2017 में पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम, आईएनएक्स मीडिया और कंपनी के मालिकों इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था.

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First published: 27 November 2019, 17:48 IST
 
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