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ईरान से तेल इम्पोर्ट बंद करने के मामले में भारत अपने हित को मानेगा सर्वोपरि

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 July 2018, 11:09 IST

भारत ने गुरुवार एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान से तेल इम्पोर्ट को लेकर रोक लगाने की चेतवानी के बावजूद वह ईरान से तेल से आयात के संबंध में अपने राष्ट्रीय हित को पहले देखेगा. माना जा रहा है कि भारत ने यह जवाब ईरान के उप राजदूत और चार्ज डी एफ़ैरेस मसौद रेज़वानियन रहाघी द्वारा की उन गई टिप्पणियों के जवाब में दिया जिसमे उन्होंने कहा था कि अगर भारत ईरान से अमेरिका के कहने पर तेल का आयात कम करता है तो वह भारत को दी जाने वाली अन्य सभी सुविधाओं को बंद कर देगा.

भारत के विदेश मामलों के प्रवक्ता रविेश कुमार ने कहा ''उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया और ईरानी दूतावास ने भी इस संबंध में एक स्पष्टीकरण जारी किया था.'' कुमार ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भारत के लिए ईरान ऊर्जा और कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार है''. कुमार ने कहा ''ईरानी दूतावास ने अपने स्पष्टीकरण में कई चीजों को समझाया है. भारत 2015 में हस्ताक्षर किए गए ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका की वापसी सहित कई मुद्दों पर ईरान के संपर्क में था''.

 

ईरान से तेल आयात को कम करने को लेकर कुमार ने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि वे विभिन्न देशों के साथ संपर्क में करना चाहते हैं या चर्चा करना चाहते हैं. उन्होंने इसमें कोई विशेष भारत का नाम नहीं लिया है. उन्होंने कहा हम देखेंगे कि इसमें क्या आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है.

इससे पहले जून में अमेरिका ने जोर देकर कहा कि भारत समेत उसके अन्य सहयोगी 4 नवंबर तक ईरान से कच्चे तेल के सभी आयात को समाप्त करेंगे जब ईरान के खिलाफ प्रतिबंध फिर से लागू होंगे. एक अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा कि यदि ईरान से तेल आयात में कटौती नहीं की जाती है तो ये देश प्रतिबंधों के अधीन होंगे.

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First published: 13 July 2018, 11:10 IST
 
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