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क्या अब इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी खरीदने की तैयारी में पतंजलि आयुर्वेद ?

सुनील रावत | Updated on: 28 May 2018, 16:19 IST

पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने एक इंटरव्यू में कहा कि कई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवीएस), स्टील और मोबाइल चिप निर्माताओं ने उनसे संपर्क किया है. हालांकि इनमें से कुछ कंपनियां खरीददार की तलाश कर रही हैं और कुछ अपने उद्यम चलाने के लिए साझेदारी और वित्तीय सहायता चाहते हैं. लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार बालकृष्ण ने कंपनियों का नाम बताने से इनकार करते हुए कहा कि पतंजलि ने अभी तक इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया है और पतंजलि केवल घरेलू कंपनियों के साथ निवेश या भागीदार करेगी.

बालकृष्ण ने कहा कि उनसे कई कंपनियों ने सम्पर्क किया है लेकिन पतंजलि केवल वही करेगी जो हमारे व्यापार के साथ सही होगा. उन्होंने कहा, उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित फर्म अपने 'स्वदेशी' आंदोलन को मजबूत करना जारी रखेगी और इसी तरह के एजेंडे वाली कंपनियों का समर्थन करेगी.

गौरतलब है कि इलेक्ट्रिक वाहन लाने की योजना एनडीए सरकार का एक प्रमुख लक्ष्य रहा है क्योंकि मोदी सरकार देश के तेल आयात में कटौती करने की इच्छुक है. इस मामले में भारत सरकार ने अमेरिकी कंपनी टेस्ला से भी लम्बी बातचीत की थी हालांकि अमेरिकी कंपनी ने चीन जाने का फैसला किया.

कंपनी में 98.5 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले बालकृष्ण ने कहा कि अगर हम कहते हैं कि, हम एक इंडस्ट्री में प्रवेश कर रहे हैं, तो दूसरों को डर लगता है और वह कई तरह की बातें फैलाते हैं. दिलचस्प बात यह है कि पतंजलि खाद्य तेल निर्माता रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अधिग्रहण की दौड़ में भी है, जो दिवालिया होने की कगार पर है. एक रिपोर्ट के मुताबिक पतंजलि ने रुचि सोया के लिए 4,000-4,500 करोड़ रुपये की बोली लगाई है.

बालकृष्ण ने कहा कि रुचि सोया में पतंजलि का हित उसके आधारभूत संरचना के कारण है जिससे पतंजलि उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलेगी. इस सौदे को वित्त पोषित करने के लिए कंपनी पहले ही बैंकों से बात कर रही है. पतंजलि की वर्तमान में खुदरा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा (आयुर्वेद) में मौजूदगी है. कंपनी शैम्पू और टूथपेस्ट से बिस्कुट, नूडल्स, चावल और गेहूं तक सबकुछ बेचती है. अक्टूबर 2016 में पतंजलि ने सोनीपत में 70 करोड़ रुपये में आरएच एग्रो ओवरसीज (पी) लिमिटेड के स्वामित्व वाली राइस मिल खरीदी थी.

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First published: 28 May 2018, 16:15 IST
 
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