Home » बिज़नेस » Islamic Development Bank to invest in India’s infrastructure sector
 

इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक के पैसे से चमकेगा भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 June 2018, 10:43 IST

इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक समूह मुस्लिम देशों में सबसे बड़े कर्जदाताओं में गिना जाता है. एक रिपोर्ट की माने तो अब इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक ने भारत के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में निवेश करने के लिए अन्य बहुपक्षीय विकास बैंकों के साथ गठजोड़ करने में दिलचस्पी दिखाई है.

गौरतलब है कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास नरेंद्र मोदी सरकार का प्रमुख एजेंडा रहा है. भारत में बुनियादी ढांचे पर 2014-15 में 1.81 ट्रिलियन का आबंटन किया गया जो 2017-18 में 4.9 4 ट्रिलियन तक पहुंच गया. भारत चालू वित्त वर्ष में इस क्षेत्र में 5.9 7 ट्रिलियन तक निवेश बढ़ने की योजना बना रहा है.

57 सदस्य देशों वाला इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक शुरुआत के बाद से अब तक 130.8 अरब डॉलर का वित्त पोषण कर चुका है. वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शीर्ष पांच लाभार्थियों बांग्लादेश (14.9%), पाकिस्तान (8.9%), मिस्र (8.8%), तुर्की (8.3%) और मोरक्को (5%) हैं. भारत अपने बुनियादी ढांचे क्षेत्र में सऊदी अरब के निवेश की मांग कर रहा है.

सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड (पीआईएफ) ने सॉफ्टबैंक के विजन फंड और उबर में निवेश किया है, जो भारत में निवेश करना चाहता है. इसके अलावा दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक सऊदी अरब तेल कंपनी, या सऊदी अरामको ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी में बसे बड़ी वैश्विक रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के लिए भारतीय राज्य संचालित कंपनियों के साथ साझेदारी की है. सऊदी अरब भारत के लिए ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है.

भारत को बुनियादी ढांचे के निवेश की जरूरत है, और मोदी सरकार ने इसके लिए नई योजना बनाई है जिसमें सड़कों, रेलवे, जलमार्ग और हवाई अड्डों का निर्माण शामिल है. एआईबी के मुताबिक भारत को अगले 10 सालों में निवेश में 1.5 अरब डॉलर निवेश की आवश्यकता है.

ये भी पढ़ें : भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का आकर्षण पहुंचा सबसे निचले स्तर पर, ये रही वजह

First published: 26 June 2018, 10:41 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी