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जेटली ने लिखी फेसबुक पोस्ट, पेट्रोल- डीजल पर चिदंबरम के इस सवाल का दिया जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 June 2018, 16:36 IST

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोगों से अनुरोध किया कि बढ़ती तेल की कीमतों से सरकार के राजस्व स्रोत पड़ने वाले असर को कम करने के लिए ईमानदारी से टैक्स का भुगतान करें. हालांकि उन्होने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में किसी भी कटौती से इंकार कर दिया. जेटली ने कहा कि वेतनभोगी वर्ग टैक्स के अपने उचित हिस्से का भुगतान करते हैं लेकिन अन्य वर्गों को भी अपने टैक्स के भुगतान रिकॉर्ड में सुधार करना है.

'इकोनॉमी एंड द मार्केट्स रिवार्ड स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स एंड फिस्कल प्रूडेंस' नाम से एक फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा कि चार सालों में केंद्र सरकार का टैक्स-जीडीपी अनुपात 10 फीसदी से बढ़कर 11.5 फीसदी हो गया है. इसमें से लगभग आधे सकल घरेलू उत्पाद का 0.72 प्रतिशत, गैर-तेल कर-जीडीपी अनुपात में वृद्धि के लिए जिम्मेदार है.

उन्होंने कहा कि 2017-18 में सकल घरेलू उत्पाद में 9.8 प्रतिशत पर गैर-तेल करों का स्तर 2007-08 के बाद से सबसे ज्यादा है. जेटली ने कहा,"उपभोक्ताओं को राहत केवल एक वित्तीय रूप से जिम्मेदार और वित्तीय रूप से अच्छी केंद्र सरकार द्वारा दी जा सकती है और राज्य तेल की कीमतों पर असामान्य वृद्धि से अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के इस बयान पर कि तेल पर कर 25 रुपये प्रति लीटर कटौती की जानी चाहिए, जेटली ने कहा कि उन्होंने क्यों कभी ऐसा करने का प्रयास नहीं किया. चिदंबरम ने पिछले हफ्ते दावा किया था कि पेट्रोल की कीमतों पर केंद्र 25 रुपये प्रति लीटर तक कर घटा सकता है लेकिन मोदी सरकार ऐसा नहीं करेगी.

सरकारी अनुमानों के मुताबिक पेट्रोल और डीजल पर एक रुपया उत्पाद शुल्क में कटौती के चलते लगभग 13,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा. अप्रैल में इंटरनेशनल बाजार में कच्चे तेल की कीमत 66 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 74 अमेरिकी डॉलर हो गई.

First published: 18 June 2018, 16:19 IST
 
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