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अडानी के रिश्तेदार जतिन मेहता का फलसफा: कर्ज चुकाने से अच्छा है नागरिकता छोड़ दो

आदित्य मेनन | Updated on: 3 June 2016, 22:55 IST

इंडियन एक्सप्रेस अखबार की खबर के अनुसार विनसम डायमंड्स के प्रमोटर जतिन मेहता और उनकी पत्नी सोनिया 2013-14 में भारतीय नागरिकता छोड़कर सेंट किट्स एंड नेविस के नागरिक हो गए हैं. कैरिबाई द्वीप समूह में स्थित सेंट किट्स को 'कर चोरों को स्वर्ग' (टैक्स हैवेन) माना जाता है.

खबरों के अनुसार भारतीय बैंकों के अनुसार विनसम डायमंड्स देश की दूसरी सबसे बड़ी डिफॉल्टर कंपनी है.

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मीडिया रिपोर्टे के अनुसार मेहता पर स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक नीत एक बैंक समूह के 4,680 करोड़ रुपये और पंजाब नेशनल बैंक नीत एक बैंक समूह के 2121.82 करोड़ रुपये बकाया हैं. इस तरह विनसम एवं सहयोगी कंपनियों पर कुल 6,700 करोड रुपये बकाया हैं.

भारत की सेंट किट्स के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है इसलिए मेहता दंपति को वापस लाना भारतीय अधिकारियों के लिए शायद नामुमकिन होगा.

पारिवारिक नाता

अखबार ने खबर में बताया है, "विनसम डायमंड्स के प्रमोटर जतिन मेहता गौतम अडानी से जुड़े हुए हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं."

मेहता के बेटे सूरज की शादी कृपा से हुई है. कृपा गौतम अडानी के भाई विनोद शांतिलाल अडानी की बेटी हैं.

विनसम डायमंड्स की स्थापना 1985 में सू-रज डायमंड्स इंडिया लिमिटेड के तौर पर हुई थी.

माना जाता है कि मेहता और विनोद अडानी दोनों इस समय दुबई में रहते हैं. पनामा पेपर्स मामले में विनोद अडानी का भी नाम आया था.

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साल 2014 में टाइम्स ऑफ इंडिया(टीओआई) अखबार में एक खबर आई कि विनसम डायमंड्स ने अपना लोन नहीं चुकाया है.

इस रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2013 से विनसम को अपना लोन चुकाने में दिक्कत होने लगी. बैंक ने 15 अक्टूबर 2013 को उसे विलफुल डिफाल्टर के तौर पर नोटिस भेजा. उसके बाद लोन को नॉन पर्फार्मिंग एसेट(एनपीए) घोषित कर दिया गया.

मेहता का दावा था कि उसके खरीदारों ने उनका बकाया पैसा नहीं दिया. विनसम अपना 80% निर्यात शारजहां, यूएई स्थित छह कंपनियों को करते थे. ये कंपनियां साझा मालिकाना हक वाली कंपनियां थीं.

मध्य पूर्व एशिया में विनसम के 13 वितरक हैं जिनमें से 12 का नियंत्रण एक ही आदमी हैथम सुलेमान अबु ओबैदा के हाथ में है.

लोन से खरीदी संपत्ति

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार विनसम के 10 वितरक साल 2012 में कंपनी से जुड़े थे. जिनमें से पांच तो एक ही तारीख 25 जून, 2012 को जुड़े थे.

रिपोर्ट के अनुसार समूह मध्य पूर्व की जतिन मेहता और परिवार की संस्थाओं को सोने के आभूषण और सिक्के निर्यात करता था.

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टीओआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि विनसम कंपनी सोने के निर्यात के लिए चार शिपिंग कंपनियों से जितने सोने के निर्यात का दावा करती रही है वो भी गलत हो सकता है.

रिपोर्ट में इस ओर भी इशारा किया गया है कि शायद बैंक द्वारा लिए गए लोन का उपयोग मुंबई और दुबई में संपत्ति खरीदने के लिए भी किया गया.

कौन हैं विनोद अडानी

जतिन मेहता के बेटे और विनोद अडानी की बेटी की शादी जनवरी 2012 में हुई. इस शादी को दोनों परिवारो के बीच नए कारोबारी रिश्तों की भी शुरुआत की तरह देखा गया. जहां अडानी परिवार सोने के कारोबार से लंबे समय से जुड़ा हुआ था वहीं, विनसम सोने और हीरे की देश की सबसे बड़ी निर्यातक कंपनियों में एक है. 

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इंटरनेशनल कॉन्सार्शियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जनर्लिस्ट (आईसीआईजे) द्वारा जारी किए गए डाटाबेस के अनुसार जतिन और विनोदी से संबंधित दो कंपनियों जिनेश्वर होल्डिंग लिमिटेड और पार्श्व होल्डिंग लिमिटेड का ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड(टैक्स हैवेन देश) में खाता है.

सेंट किट्स के नागरिक बन चुके जतिन मेहता के बेटे की शादी विनोद अडानी की बेटी से हुई है

विनोद जिनेश्वर होल्डिंग के शेयरहोल्डर हैं. वो पार्श्व होल्डिंग के 2005 से 2008 डायरेक्टर रहे थे. दोनों कंपनियों का पता एक ही है, एनआर दोषी एंड कंपनी 608, बैंक मेली ईरान खालिद बिन वलीद स्ट्रीट दुबई, संयुक्त अरब अमीरात.

आईसीआईजे के अनुसार एनआर दोषी एंड कंपनी दुबई स्थित कारोबारी और टैक्स मामलों में सलाह देने वाली कंपनी है. ये कंपनी मुखौटा कंपनी के रूप में काम करती है. इस कंपनी और इसी पते पर 186 कंपनियां अपना कारोबार कर रही थीं जिनमें से दो विनोद अडानी से जुड़ी हुई थीं. 

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अडानी समूह के कारोबार में विनोद अडानी को ज्यादा सक्रिय नहीं माना जाता. लेकिन इकोनॉमिक्स टाइम्स(ईटी) की रिपोर्ट के अनुसार विनोद समूह के सोने के कारोबार से जुड़े हुए थे.

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार साल 2008 में अडानी समूह ने 2430 करोड़ रुपये का कारोबार किया और 179 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया.

विनोद अडानी तब भी विवाद में आए थे जब ऑस्ट्रेलिया के अग्रणी मीडिया समूह फेयरफैक्स मीडिया ने खबर चलाई थी कि एबॉट प्वाइंट पोर्ट की लीज उनके नाम पर है, न कि गौतम अडानी के नाम पर. यह लीज अडानी की ऑस्ट्रेलिया स्थित महत्वाकांक्षी कार्माइकल कोल माइन प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है.

अडानी और मेहता को न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश में सफल कारोबार की मिसाल समझा जाता है. दोनों 2008 की आर्थिक मंदी से सफलतापूर्वक निपटने का दावा करते रहे हैं.

इन नए उद्घाटनों के बाद जतिन मेहता और विनोद अडानी से जुड़े कई सवाल जनता के ज़हन में उभरे हैं. लेकिन इन सवालों का जवाब कौन देगा, भारत सरकार?

First published: 3 June 2016, 22:55 IST
 
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