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जेपी ग्रुप का संकट: संस्थापक ने कहा पैसा नहीं है, प्रोजेक्ट पर लटकी तलवार

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 May 2016, 22:16 IST

देश के प्रमुख उद्योग समूह जेपी ग्रुप पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने जेपी समूह से यमुना एक्सप्रेसवे पर दी गई जमीनें वापस ली फिर एनजीटी ने सोनभद्र इलाके में जमीनों के ट्रांसफर को अवैध ठहरा दिया. इस बीच सोशल मीडिया पर आए एक ताजा वीडियो में जेपी ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन जयप्रकाश गौड़ कहते हुए दिख रहे हैं कि उनके पास पैसे नहीं हैं लेकिन वे सबकुछ बेचकर भी अपने प्रोजेक्ट पूरा करेंगे.

बीते माह उत्तर प्रदेश सरकार ने जेपी समूह को एक बड़ा झटका देते हुए 1980 में ग्रुप को दी गई 25,000 एकड़ जमीन वापस लेने का निर्णय लिया था. वन्य क्षेत्र की यह जमीन ग्रुप की कंपनी जेपी सीमेंट को दी गई थी.

उत्तर प्रदेश की कैबिनेट बैठक में लिए गए इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के विरोध के बाद लिया गया था. न्यायालय और सरकार द्वारा इस बाबत प्रमुख आपत्ति यह जताई गई थी कि वन क्षेत्र को कैसे एक निजी कंपनी को गैर-वन्य कार्यों के लिए लीज पर दे दिया गया. फिलहाल समूह यहां जेपी सीमेंट बनाती है. 

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वहीं, इसके बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सोनभद्र जिले की 2500 एकड़ जमीन की ट्रांसफर प्रक्रिया को गलत बताया है. ट्रिब्यूनल ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वो इस जमीन को तुरंत फॉरेस्ट एरिया घोषित करने की अधिसूचना जारी करे. एनजीटी द्वारा इस जमीन को ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया शुरू करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं. 

बता दें कि वर्ष 2009 में उत्तर प्रदेश की मायावती की सत्ता वाली बसपा सरकार ने सोनभद्र जिले की 2500 एकड़ जमीन जेपी समूह को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की थी. जमीन दिए जाने के पक्ष में सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट को हलफनामा भी दिया गया था. इससे पहले यह जगह यूपी सीमेंट कॉरपोरेशन का था लेकिन इसकी हालत बिगड़ने पर इसे जेपी ग्रुप द्वारा खरीद लिया गया था.

वहीं, जेपी ग्रुप पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है. ग्रुप के तमाम प्रोजेक्ट फिलहाल अटके पड़े हैं. नोएडा में जेपी अमन, विश टाउन, कॉसमॉस समेत यमुना एक्सप्रेसवे स्पोर्ट्स सिटी में भी प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं. ग्रुप के पास पैसा न होने के चलते काम रोक दिया गया है. 

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वर्ष 2009-10 और इसके बाद भी इन प्रोजेक्ट में फ्लैट-डुप्लेक्स आदि खरीदने वाले बायर्स धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही अपने आशियाने को पाने का सपना लगाए बैठे हैं. घर के किराये के साथ ही उन्हें इन फ्लैटों की ईएमआई का भी दोहरा बोझ उठाना पड़ रहा है.

लेकिन इस बीच निवेशकों, बायर्स और कंपनी के भागीदारों के लिए बुरी या अच्छी खबर है. जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने एक वीडियो में कहा है कि उनके पास पैसे नहीं हैं. लेकिन वो अपने प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए भले ही सबकुछ बेचना पड़े, पीछे नहीं हटेंगे. 9 मई 2016 को यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो में जयप्रकाश गौड़ के अलावा उनके बेटे मनोज गौड़ सिर पर हाथ रखे जबकि समीर गौड़ हाथ बांधे खड़े दिखाई दे रहे हैं.

इस वीडियो को देखने के बाद पता चल जाएगा कि जेपी ग्रुप की मौजूदा हालत खस्ता है और समूह के पास प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए पैसे नहीं हैं. हालांकि उनके इरादे कैसे भी करके अपने प्रोजेक्ट पूरा करने के हैं.

First published: 10 May 2016, 22:16 IST
 
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