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नरेश गोयल : 25 साल शुरू की जेट एयरवेज को बचाने के लिए टाटा से लेकर अंबानी के लगाए चक्कर

सुनील रावत | Updated on: 25 March 2019, 17:02 IST

देश की बड़ी एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड संघर्ष के दौर से गुजर रही है. जेट एयरवेज के संस्थापक और चेयरमैन नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल ने कैश-स्ट्रैप्ड एयरलाइन के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया है. कंपनी के लिए पूंजी जुटाने के संघर्ष ने संस्थापक नरेश गोयल को एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के दरवाजे पर ला खड़ा कर दिया था. गोयल ने इस इसको लेकर रतन टाटा से भी संपर्क किया.

जेट एयरवेज में 51% की हिस्सेदारी रखने वाले गोयल ने मुकेश अंबानी से भी संपर्क किया था लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया था. बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल नकदी संकट झेल रही अपनी विमानन कंपनी के लिए निवेशक तलाशने के क्रम में लंदन में टाटा समूह के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी. गौरतलब है कि एयरएशिया इंडिया प्राइवेट के जरिये टाटा पहले ही एयरलाइन इंडस्ट्री में मौजूद है. जेट एयरवेज में अबू धाबी स्थित एतिहाद एयरवेज का 24% हिस्सा है. तेजी से बढ़ती ईंधन की कीमतों के बावजूद और अन्य खर्चों में वृद्धि के कारण घरेलू वाहकों के बीच एक दिक्कतें बढ़ी हैं.


जेट एयरवेज के स्टॉक 2011 के बाद से अपने सबसे खराब प्रदर्शन कर रहे हैं. जेट एयरवेज के स्टाफ की कुल संख्या 16,558 है. इसमें ग्राउंड स्टाफ 5,000 के आसपास हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार जेट अपने स्टाफ की संख्या में 10 प्रतिशत की कटौती कर चाहता था. गौरतलब है कि इंडिगो, गोएयर और स्पाइसजेट जैसी बजट एयरलाइंस पिछले दशक में तेजी से विस्तार कर रही है, जिससे पहली बार ये सेवाएं मध्यम श्रेणी के परिवारों को पूर्ण सेवा वाहक के विकल्प प्रदान कर रही हैं. भारत, दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ प्रमुख विमानन बाजार है लेकिन इसका बने रहने के लिए सबसे मुश्किल तब हुई जब प्रीमियम कैरियर किंगफिशर एयरलाइंस और एयर इंडिया को बार-बार लोन की जरूरत पड़ी.

इसे पहले जेट एयरवेज ने कहा था कि अगर ऐसी ही स्थिति रही तो 60 दिन बाद जेट एयरवेज को चलाना मुश्किल हो जायेगा. कंपनी अब इससे बचने के लिए कॉस्ट कटिंग का तरीका अपनाने की योजना बना रही थी. इसमें सैलरी कटिंग और अन्य खर्चों को कम करना शामिल है.

 

अध्यक्ष नरेश गोयल सहित प्रबंधन दल ने मुंबई और दिल्ली में हाल के दिनों में में कर्मचारियों को सूचित किया कि एयरलाइन की वित्तीय स्थिति खराब है और लागत में कटौती करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के सिंगापुर स्थित विश्लेषक राहुल कपूर ने कहा, "जेट एयरवेज को सभी मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. तेल की कीमतों में बढ़ोतरी उनकी कमाई पर दोगुनी असर पड़ा है''.

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भारत सबसे कठिन बाजारों में से एक है, जहां एयरलाइंस को दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ रहे मध्यम वर्ग को आकर्षित करने के लिए 1 रुपये (2 सेंट) के आधार मूल्यों पर टिकट बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है. 2005 में भारतीय टाइकून विजय माल्या द्वारा शुरू की गई किंगफिशर एयरलाइंस देश के अग्रणी वाहकों में से एक थी. ये भारतीय एयरलाइंस एयरबस एसई और बोइंग के लिए सबसे बड़े ग्राहकों में से थे. ब्लूमबर्ग द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक मुंबई स्थित जेट एयरवेज का कुल ऋण 94.3 बिलियन रुपये (1.4 बिलियन डॉलर) था.

First published: 25 March 2019, 17:00 IST
 
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