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टेलिकॉम सेक्टर के बाद अब अंबानी के जियो ने उड़ाई 'म्यूजिक स्ट्रीमिंग' बाजार की नींद

सुनील रावत | Updated on: 3 June 2018, 16:05 IST
(jio )

टेलिकॉम कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के बाद जियो ने अब भारत के संगीत स्ट्रीमिंग बाजार की नींद उड़ा दी है. मार्च में रिलायंस के जियो म्यूजिक ने ग्लोबल म्यूजिक स्ट्रीमिंग पोर्टल सावन के साथ 1 बिलियन डॉलर का मर्जर किया था. मार्च के अंत तक इस संयुक्त कंपनी ने फ्री म्यूजिक स्ट्रीमिंग ब्राउज़र ऐप जना एमसेंट पर सबसे ज्यादा इंस्टॉल हासिल किये हैं.

जना ने अपनी नवीनतम मोबाइल मैज्योरिटी रिपोर्ट में कहा कि इस जियो और सावन के विलय वाली कंपनी ने जनवरी में संयुक्त बाजार हिस्सेदारी से 1.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल की है. अपने शोध के लिए जना ने साल के पहले तीन महीनों के दौरान भारत में अपने एमसेंट ब्राउज़र पर उपयोगकर्ताओं से ऐप इंस्टॉल और इस्तेमाल किये गए डेटा की जानकारी एकत्र की. साथ ही जना ने भारत में 30 मिलियन से ज्यादा उपयोगकर्ताओं को एकत्रित किया.

Google Play Music को टक्कर

इसी अवधि में Google Play Music ने 1.25 प्रतिशत से अधिक की सबसे बड़ी शेयर ड्रॉप देखी. जना के संस्थापक और सीईओ नाथन ईगल का कहना है कि "भारत में जियो की ग्रोथ थोड़ा आश्चर्यजनक है क्योंकि वे क्षेत्रीय सामग्री को भारी मात्रा में दर्शकों तक पहुंचाने की अपनी रणनीति में प्रभावी रहे हैं. क्योंकि कंपनी अपने ग्राहकों को सस्ता डेटा प्रदान करती है इसलिए जियो म्यूजिक बड़ी आसानी से लोगों तक पहुंच रहा है''.

jana

म्यूजिक स्ट्रीमिंग बाजार में उतरी कई कंपनियां

हंगामा और एयरटेल के विंक के अलावा कई वैश्विक कंपनियां पिछले साल भारत के संगीत म्यूजिक स्ट्रीमिंग बाजार में शामिल हुई हैं. अमेज़ॅन ने हाल ही में अपनी प्राइम सदस्यता के साथ अपनी मुफ्त म्यूजिक पेशकश को जोड़ा है जबकि चीनी इंटरनेट टेनसेंट ने गाना के लिए 115 मिलियन डॉलर खर्च किये हैं.

स्वीडिश डिजिटल संगीत कंपनी स्पॉटिफी ने पिछले साल मुंबई में एक ऑफिस भी शुरू किया था और भारत में 300 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने का दावा किया था. जना के संस्थापक ईगल का कहना है कि सावन-जियो का विलय देखना दिलचस्प होगा और Google, स्पॉटिफाइ और ऐप्पल जैसे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के खिलाफ लड़ने के लिए यह भारतीय स्ट्रीमिंग प्रदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

इस साल की शुरुआत में जियो म्यूजिक और सावन ऐप में टाइम स्पेंड 32.5 फीसदी था, जिसमें जियो का हिस्सा 25.9 फीसदी और सावन का 6.6 फीसदी था. Google Play Music ने 2016 में भारत में कदम रखा था, तब इसके लिए 89 रूपये प्रति महीने चुकाने पड़ते थे. जनवरी से मार्च में इसमें 45.7 फीसदी गिरावट देखी गई है जो अब 40 फीसदी पहुंच गई.

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First published: 3 June 2018, 16:00 IST
 
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