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नोटबंदी: एआईएमओ के आंकड़े बताते हैं कि रोजगार में 60% और राजस्व में 55% की गिरावट आई

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 January 2017, 7:53 IST

नोटबंदी से बेरोजगारी बढ़ने और राजस्व में गिरावट आने की आशंका थी, और वह सच हो गई है. यह कहना है, अखिल भारतीय उत्पादक संघ (एआईएमओ) का. यह देश के निर्माण क्षेत्र की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण संस्था है. एआईएमओ ने नोटबंदी के बाद के दो महीनों में देश में पैदा हुए रोजगार और राजस्व की स्थिति पर एक विस्तृत अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट जारी की है. फिलहाल मीडिया में सार्वजनिक हो चुकी इस रिपोर्ट के कुछ आंकड़े बेहद चिंताजनक और चौंकाने वाले हैं. रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं.

60

  • प्रतिशत रोजगार में गिरावट आने की आशंका, छोटे और लघु उद्योगों में मार्च 2017 तक.
  • इन उद्योगों में, नोटबंदी के पहले महीने यानी 8 दिसंबर तक, 35 प्रतिशत रोजगार में गिरावट आई.

55

  • प्रतिशत राजस्व में गिरावट आने का अनुमान है मार्च 2017 तक. एआईएमओ का अध्ययन इस पर विस्तार से रौशनी डालता है.
  • एआईएमओ के अध्ययन के अनुसार पहले महीने में इन सेक्टर्स के राजस्व में 50 फीसदी गिरावट आई.
  • राजस्व और रोजगार में गिरावट के प्रमुख कारण रहे- नगदी का अभाव, कैश नहीं निकाल पाना, धन उगाहने के सीमित विकल्प, सामान और सेवाओं पर कर की अनिश्चितता, वर्किंग डे का नुकसान और अस्थिर रियल एस्टेट सेक्टर.

300,000

  • एआईएमओ का प्रतिनिधित्व करने वाली सूक्ष्म, लघु, मझोले और वृहत स्तर की निर्माण और निर्यातक इकाइयों के सदस्यों की संख्या.
  • भारत में एआईएमओ में 300,000 अप्रत्यक्ष सदस्यों के अलावा 13,000 प्रत्यक्ष सदस्य भी हैं. ये महाराष्ट्र में 3,000 उद्योग और संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं और तमिलनाडु में 1,200 का.
  • एआईएमओ ने तीन अध्ययन नोटबंदी के दौरान उसका असर जानने के लिए किए और चौथा अध्ययन पहले ही प्रमाणित किया जा चुका है.
  • सारे अध्ययन विशेषज्ञों की एक समिति ने किए हैं, जिसमें उद्योगपति, लघु एवं मझोले उपक्रम, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और वकील हैं.
  • पहले तीन अध्ययनों के नतीजे केंद्रीय वाणिज्य एवं वित्त मंत्रालय को भेजे गए थे. एआईएमओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष केई रघुनाथन ने मीडिया को बताया कि इन मंत्रालयों से ना तो पहुंच की कोई सूचना आई और ना ही जवाब आया.

5
%

  • नोटबंदी के पहले महीने में निर्माण सेक्टर में गिरावट देखने को मिली. वैसे इस सेक्टर पर रोजगार के क्षेत्र में सबसे कम असर हुआ है.
  • सबसे ज्यादा रोजगार में कमी (करीब 35 प्रतिशत) आधारभूत संरचना से जुड़े प्रोजेक्ट्स में हुई, खासकर सड़क निर्माण के प्रोजेक्ट्स में. मार्च 2017 तक यह प्रतिशत 40 तक बढ़ सकता है.
  • आधारिक संरचना का अनुसरण विदेशी कंपनियां करती हैं, जो निर्यात के बाजार में 30 प्रतिशत रोजगार में कमी के साथ काम कर रही हैं. इस सेक्टर में मार्च 2017 तक रोजगार में सबसे ज्यादा गिरावट आने की आशंका है 35 से 45 प्रतिशत तक. 

First published: 10 January 2017, 7:53 IST
 
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