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भारतीय कंपनियों में रोबोट कितनी नौकरियां खा गए, इस रिसर्च के आंकड़ों से आप चौक सकते हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 May 2018, 15:39 IST

भारतीय कंपनियों में तैनात रोबोटों की संख्या में 21वीं सदी की शुरुआत के बाद से 200 गुना वृद्धि देखी गई है. एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारत में रोबोट से सिर्फ 0.1 फीसदी नौकरियां ही गई हैं. 2016 में भारत में औद्योगिक रोबोटों का स्टॉक लगभग 16,026 था जो 0.1 फीसदी रोजगार के लिए जिम्मेदार था. सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज (सीडीएस), तिरुवनंतपुरम के प्रोफेसर और निदेशक सुनील मनी ने भारत में औद्योगिक रोबोटों के उपयोग पर एक अध्ययन कर यह निष्कर्ष निकाला है.

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रोबोटिक्स (आईएफआर) और वार्षिक सर्वेक्षण उद्योग (एएसआई) के नवीनतम आंकड़ों के आधार पर मनी का विश्लेषण दर्शाता है कि प्रति 10,000 विनिर्माण श्रमिकों में रोबोटों का घनत्व 2000 में 1 से बढ़कर 2016 में लगभग 10 हो गया है.

भारत में रोबोटों का उपयोग उन कार्यों में होता है जो मानव श्रमिकों के लिए बहुत मुश्किल होता है. देश में तैनात औद्योगिक रोबोटों का एक बड़ा हिस्सा ऑटो उद्योग में सबसे ज्यादा किया जा रहा है. दूसरा कार्य जहां रोबोटों का तेजी से उपयोग किया जा रहा है वह मशीन टेंडिंग या हैंडलिंग, जिसमें मानव श्रमिकों के लिए जोखिम भी शामिल है. वर्तमान में देश में 84% औद्योगिक रोबोटों का इन्ही दो कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है.

मनी का कहना है कि इस संबंध में भारत का अनुभव अन्य देशों से अलग नहीं है. वैश्विक स्तर पर औद्योगिक रोबोटों का बड़े पैमाने पर उपयोग 1970 के दशक में वेल्डिंग-आर्क और स्पॉट वेल्डिंग से संबंधित कार्यों में शुरू हुआ. एकमात्र अन्य कार्य जहां रोबोटों का उपयोग महत्वपूर्ण रूप से बढ़ रहा है, मशीन हैंडलिंग और टेंडिंग है.

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First published: 8 May 2018, 15:39 IST
 
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