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मोदी सरकार को ये सेक्टर्स देंगे बड़ी राहत, चुनावी साल में निकलेंगी 30 लाख नौकरियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 August 2018, 13:31 IST
(प्रतीतात्मक फोटो)

नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है. अगले 6 महीने रोजगार के हिसाब से काफी अच्छे रहने वाले हैं. इन 6 महीनों में रोजगार के क्षेत्र में काफी नौकरियां पैदा होने की संभावना जताई जा रही है. नोटबंदी और जीएसटी के चलते नौकरियों की दर में आई गिरावट में अब कमी देखी जा रही है. पिछले 6 महीनों में (अक्टूबर 17-मार्च 19) के बीच रोज़गार के अवसरों की दर में 4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है.

ऐसे में अगले 6 महीने भी रोजगार के लिहाज से अच्छे माने जा रहे हैं. जानकारों की मानें तो आने वाले 6 महीने प्राइवेट कंपनियों और सेक्टरों के लिए उम्मीदभरा रहेगा. आने वाले एक साल में लॉजिस्टिक्स, रिटेल, निर्माण (कन्स्ट्रक्शन) एवं रियल एस्टेट, फाइनेन्शियल सर्विसेज़, हॉस्पिटेलिटी और टेक स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्र में बंपर नौकरी निकलने की उम्मीद है. ऐसे में नौकरी तलाशने वाले युवाओं को अपने आप को रोजगार योग्य बनाने के लिए खुद को तैयार कर लेना चाहिए.

ई कॉमर्स से 3 मिलियन नौकरियां पैदा होने की उम्मीद

इसके अलावा ई-कॉमर्स में वृद्धि से भी नौकरियों के तमाम अवसर पैदा होने की उम्मीद है. ई-कॉमर्स में वृद्धि से लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नौकरियों के अवसर बढ़े हैं. मालढुलाई, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग एवं कोरियर सेवाओं में भी अगले चार सालों में 3 मिलियन नौकरियां पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है. पिछले 6 महीने में मैनुफैक्चरिंग के सेक्टर में भी सकारात्मक रूझान सामने आए हैं. ऐसे में प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों के अवसर पैदा होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है.

रिटेल सेक्टर में भी नौकरी के अवसर

रिटेल सेक्टर में भी पिछले कुछ समय से सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं. रिटेल सेक्टर में विनियामक बदलाव , सुव्यवस्थित होना और विदेशी निवेश में बढ़ोतरी आदि से नौकरी के अवसर बढ़ने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है. इसके साथ ही बुनियादी सुविधाओं पर फोकस ने भी नौकरियों के अवसर पैदा करने में मदद की है. इंटरनेशनल होटल श्रृंखलाएं देश भर में विस्तार की योजना बना रही हैं, जिससे रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे. इससे प्रतिभाशाली युवाओं की मांग बढ़ेगी.

आईटी सेक्टर

आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्रों में नौकरियों के हिसाब से सकारात्मकता देखी जा रही है. डिसरप्शन टेक्नोलॉजी के चलते आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्रों में नौकरियों के अवसर बढ़ने की उम्मीद देखी जा रही है. एनबीएफसी, फिनटेक एवं बैंकिंग लाइसेंस को लेकर भी सकारात्मक रुझान देखे जा रहे हैं. इससे वित्तीय क्षेत्र में भी नौकरियों का तेजी से सृजन होगा. इससे नए युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेगें. पिछले कुछ महीनों में ब्लू कॉलर नौकरियों में 5 फीसदी और सेल्स एवं मार्केटिंग नौकरियों में 4 फीसदी की वृद्धि हुई है. जानकारों का कहना है कि विनियामक बदलावों के चलते अगले 3 सालों में सेल्स में 2.5 मिलियन नौकरियां पैदा होंगी. आगे जाकर ये पैमाना 10 मिलियन तक पहुंच सकता है.

इन शहरों में सबसे ज्यादा नौकरी मिलने के आसार

जानकारों का कहना है कि दूसरे एवं तीसरे स्तर के शहरों की तुलना में मुंबई जैसे शहरों में नौकरियों के ज़्यादा अवसर पैदा होंगे. यानी कि मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर और पुणे जैसे शहरों में ज्यादा नौकरी के अवसर पैदा होंगे, क्योंकि सेल्स में ज़्यादातर नौकरियां संगठित रीटेल सेक्टर, एफएमसीएस और एफएमसीडी सेक्टरों में उत्पन्न होंगी. इस हिसाब से ये शहर ही सबसे ज्यादा नौकरी के अवसर पैदा करने वाले होंगे. अन्य सेक्टरों में भी रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

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First published: 13 August 2018, 13:30 IST
 
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