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केरल की बाढ़ से बढ़ सकता है बैंकों का एनपीए, कृषि लोन सबसे ज्यादा

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 August 2018, 12:49 IST

वित्तीय सेवाओं की प्रमुख जेफरीज़ ने सोमवार को कहा कि केरल में बाढ़ से बैंकों की वसूली में देरी और नुकसान होने की संभावना है. आम तौर पर इसमें कृषि ऋण, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) प्राथमिकता ऋण ऋण, गृह ऋण और व्यापार गतिविधियों के लोन शामिल हैं.

8 अगस्त से लगातार बारिश के बाद केरल को एक शताब्दी की सबसे खराब बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. इसमें कम से कम 186 लोग मारे गए हैं, उनमें से कई भूस्खलन से मारे गए हैं. जेफरीज़ के मुताबिक राज्य में कृषि लोन 24% सबसे उच्चतम क्षेत्रों की सूची में है. इसके बाद एमएसएमई (16%) और आवास ऋण (11%) है.

 

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नियम प्राकृतिक आपदाओं के मामले में ऋण के पुनर्गठन की अनुमति देते हैं लेकिन बैंकों को पुनर्गठित ऋण के संबंध में उच्च प्रावधान करने होंगे. जेफरीज़ ने नोट में कहा निकट भविष्य में गैर-निष्पादित ऋण (NPA) को रोकने के लिए आरबीआई छूट दे सकता है.

दक्षिण भारत बैंक के लिए केरल की एडवांस का प्रतिशत लगभग 41% है, जबकि फेडरल बैंक के लिए यह लगभग 36% है. सोमवार को बीएसई पर फेडरल बैंक के शेयर 6.4% गिर गए. दक्षिण भारतीय बैंक में 3.8% की गिरावट आयी. जेफरीज़ के मुताबिक केरल में बैंकों का कुल ऋण एक्सपोजर 2017-18 में कुल अग्रिमों का 3% था.

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First published: 20 August 2018, 12:22 IST
 
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