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KG- डी6 ब्‍लॉक से गैस का उत्पादन क्यों बंद करने जा रही है रिलायंस इंडस्ट्रीज ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 April 2018, 11:53 IST

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज आने वाले महीनों में केजी-डी 6 ब्लॉक में अपने मुख्य क्षेत्रों में तेल और गैस उत्पादन बंद करने की योजना बना रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार बंगाल ब्लॉक की खाड़ी में मौजूद इन आयल ब्लॉक को हटाने के लिए सरकार के दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार इन तेल क्षेत्रों में गैस का उत्पादन बीते दिनों में सबसे कम दर्ज किया गाय है. कंपनी ने भारत सरकार द्वारा जारी साइट रिस्‍टोरेशन गाइडलाइन का पालन करते हुए मौजूदा उत्पादन क्षेत्रों (डी 1 डी 3 और एमए) के लिए डीकॉमिशनिंग गतिविधि के लिए बैंक गारंटी जमा की है.

आरआईएल ने आज तक कृष्णा गोदावरी बेसिन में 19 तेल और गैस की खोज की है. इनमें से एमए-ब्लॉक एकमात्र तेल की क्षेत्र है जहां सितंबर 2008 में उत्पादन शुरू हो सका था. धीरूभाई -1 और 3 (डी 1 और डी 3) क्षेत्र में अप्रैल 2009 में उत्पादन शुरू हुआ.

 

कंपनी ने अपने प्रजेंटेशन में जानकारी दी है कि उसका गैस का उत्‍पादन (केजी डी6 ब्‍लॉक में जनवरी से मार्च 2018) अौसतन 4.3 मिलियन स्‍टैंडर्ड क्‍यूबिक मीटर्स पर डे (mmscmd) पर आ गया है. इस दौरान कच्‍चे तेल का उत्‍पादन 1865 बैरल प्रति दिन रहा. इस ब्‍लॉक में गैस का उत्‍पादन अक्‍टूबर से दिसबंर 2017 तिमाही में 4.9 mmscmd था। कंपनी ने इस गिरावट का कारण प्रकृतिक बताया है. सरकार के नियमों के अनुसार अगर कोई कंपनी अपना उत्‍पादन बंद करना चाहती है तो उसे एक साल पहले नोटिस देना पड़ता है.

 

विवादों में रहा कृष्णा-गोदावरी डी-6

मुकेश अम्बानी का कृष्णा-गोदावरी डी-6 हमेशा से ही विवादों में रहा है. इससे पहले रिलायंस पर आरोप लगा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गैस का कम उत्पादन कर गैस की कीमतें बढ़ानी चाही. चर्चा यह भी हुई कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार ने पेट्रोलियम मंत्री तक बदल डाले. जबकि दूसरा सबसे बड़ा आरोप रिलायंस पर सरकारी कंपनी ओएनजीसी के ब्लॉक से गैस चुराने का लगा. इसके लिए रिलायंस पर केंद्र सरकार पर 17,00 करोड़ का जुर्माना लगाया था.

आरोप लगा कि केजी-डी6 ब्लॉक के धीरूभाई-1 और धीरूभाई-3 गैस फील्ड से 80 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (एमएमएससीएमडी) गैस उत्पादन का अनुमान लगाया गया था. लेकिन, यहां से वास्तविक उत्पादन 2011-12 में 35.33 एमएमएससीएमडी, 2012-13 में 20.88 एमएमएससीएमडी और 2013-14 में 9.77 एमएमएससीएमडी ही रहा.

First published: 30 April 2018, 11:38 IST
 
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