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आखिरकार सीबीआई और ईडी ने कसा माल्या पर शिकंजा

सादिक़ नक़वी | Updated on: 10 February 2017, 1:52 IST

दो मार्च को देश से बाहर जा चुके कारोबारी विजय माल्या पर जांच एजेंसियों का फंदा कसता ही जा रहा है. माल्या की बंद हो चुकी एयरलाइंस कंपनी किंगफिशर पर 17 बैंकों का करीब नौ हजार करोड़ रुपया उधार है.

बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालकर माल्या को देश से बाहर जाने से रोकने की अपील की थी. बैंक चाहते थे कि माल्या का पासपोर्ट जब्त करके उन्हें हिरासत में लिया जाए.

इन बैंकों में सबसे अधिक राशि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की उधार है. बैंक ने माल्या को 'विलफुल डिफ़ॉल्टर' घोषित कर दिया है.

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भारत में उनके देश छोड़ने पर विवाद के बीच माल्या ने ट्वीट किया, "मैं अंतरराष्ट्रीय कारोबारी हूं. मैं अक्सर भारत से बाहर आता जाता रहता हूं. न मैं भारत से भागा हूं और न ही मैं भगोड़ा हूं."

माल्या के मामले से टी-20 क्रिकेट के पहले कमिश्नर ललित मोदी की याद आती है. वो भी भारत में आर्थिक हेराफेरी के मामले में वांछित हैं. मोदी भी इस समय लंदन में हैं. भारत सरकार उन्हें अब तक वापस लाने में विफल रही है.

विजय माल्या से सीबीआई पिछले पांच महीने में तीन बार पूछताछ कर चुकी है

विपक्षी दलों का दावा है कि सरकार ने माल्या को देश से बाहर जाने दिया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अक्टूबर, 2015  में सीबीआई ने माल्या के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने वाली थी. हालांकि एक महीने बाद में एजेंसी ने इसमें बदलाव करते हुए इमीग्रेशन ब्यूरो को केवल उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा.

सीबीआई के सूत्रों के अनुसार पिछले पांच महीनों में एजेंसी ने माल्या से तीन बार पूछताछ की. सीबीआई अधिकारी के अनुसार, "माल्या से दो बार मुंबई में और एक बार दिल्ली में पूछताछ की गई."

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सीबीआई अधिकारी के अनुसार,"माल्या ने आश्वासन दिया था कि वो अपनी यात्रा योजनाओं से सीबीआई को अवगत कराते रहेंगे. इसलिए एजेंसी को उन्हें हिरासत में लेने की जरूरत नहीं महसूस हुई. उनके खिलाफ अभी तक कोई गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं हुआ है."

फिलहाल सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) दोनों माल्या के खिलाफ जांच कर रहे हैं.

सीबीआई ने माल्या, किंगफिशर एयरलाइंस और आईडीबीआई बैंक के कुछ अधिकारियों के खिलाफ पैसे की हेराफेरी की जांच कर रही है. आईडीबीआई बैंक ने 2015 में माल्या को 950 करोड़ रुपये का लोन दिया था.

ईडी विजय माल्या के चार्टेड एकाउंटेंट से पैसे की हेराफेरी मामले में पूछताछ कर रही है

सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस पैसे को अवैध तरीके से विदेश भेजा दिया गया?

सीबीआई ने मामले में ईडी को अपनी शुरुआती जांच का ब्योरा सौंपा जिसके बाद ईडी ने माल्या के खिलाफ  प्रिवेंसन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुंबई में मामला दर्ज किया.

ईडी के सूत्रों के मुताबिक ईडी इस समय माल्या के चार्टेड एकाउंटेंट और पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी(सीएफओ) से पूछताछ कर रही है.

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आईडीबीआई के कई अधिकारी भी ईडी की जांच के घेरे में हैं. इनमें आईडीबीआई के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश अग्रवाल के अलावा बीके बत्रा, ओवी बुंदेलू, आर बंसल और एसकेवी श्रीनिवासन शामिल हैं. ये सभी अधिकारी माल्या की कंपनी को लोन की अनुशंसा करने वाली बैंक की क्रेडिट कमेटी के सदस्य थे.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार किंगफिशर एयरलाइंस की क्रेडिट रेटिंग के बहुत कम होने के बावजूद उसे लोन दिया गया.

First published: 12 March 2016, 12:20 IST
 
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