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अब मोदी सरकार ने रोका मुद्रा स्कीम में मिले रोजगार की जानकारी देने वाला सर्वे

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 March 2019, 13:47 IST

माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा) योजना के तहत मिली नौकरियों की संख्या के बारे में लेबर ब्यूरो के सर्वे को दो महीनों के लिए सार्वजनिक नहीं किया जाएगा. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार "मुद्रा योजना के तहत बनाई गई नौकरियों की संख्या चुनावों के बाद जारी की जाएगी क्योंकि विशेषज्ञ समिति ने निष्कर्षों पर पहुंचने में ब्यूरो द्वारा उपयोग की जाने वाली कार्यप्रणाली में विसंगतियां पायी हैं.

रिपोर्ट के अनुसार पिछले शुक्रवार को एक बैठक में, समिति ने ब्यूरो को रिपोर्ट में कुछ त्रुटियों को सही करने को कहा, जिसके लिए ब्यूरो ने दो और महीने मांगे हैं. समिति के विचार-विमर्श को केंद्रीय श्रम मंत्री द्वारा अनुमोदित किया जाना बाकी है.चूंकि सोमवार से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, इसलिए चुनावी अवधि के दौरान अनौपचारिक निर्णय रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करना है.

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार ने अब तक बेरोजगारी और श्रम ब्यूरो की 6वीं वार्षिक रोजगार-बेरोजगारी सर्वेक्षण पर राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है, जिसमे NDA के कार्यकाल में नौकरियों में कमी दिखाई गई है. इससे पहले श्रम ब्यूरो के 6वें वार्षिक रोजगार-बेरोजगारी सर्वेक्षण ने 2016-17 में बेरोजगारी को 3.9 प्रतिशत के चार साल के उच्च स्तर पर दिखाया था, जबकि एनएसएसओ के सर्वेक्षण की एक रिपोर्ट में बेरोजगारीदर 2017-18 में 45 साल की उच्चतर स्तर पर थी.

इससे पहले अपनी सरकार द्वारा नौकरी के सृजन में कमी को लेकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महीने की शुरुआत में संसद को बताया कि वर्तमान में नौकरी डेटा एकत्र करने की कोई सही प्रणाली नहीं थी.

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First published: 14 March 2019, 13:04 IST
 
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