Home » बिज़नेस » letter to the PM, Don't appoint bureaucrat as recruitment panel head in ASRB
 

कृषि वैज्ञानिक क्यों हैं मोदी सरकार के इस कदम से नाराज, लिखा पत्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 July 2018, 11:00 IST

भारत के शीर्ष कृषि वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड (एएसआरबी) के अध्यक्ष के रूप में नौकरशाह की नियुक्ति न की जाये. पिछले महीने लिखे गए पत्र में नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (एनएएएस) के वैज्ञानिकों ने कहा कि एएसआरबी के प्रमुख के रूप में एक करियर वैज्ञानिक के बजाय नौकरशाह की नियुक्ति करने से इसकी स्वायत्तता समाप्त हो जाएगी देगा और यह प्रतिभा खोज में हस्तक्षेप का कारण बन जाएगा.

देश में कृषि वैज्ञानिकों की भर्ती के लिए मुख्य निकाय एएसआरबी 1973 में स्थापित किया गया था और इसने देश के सभी प्रमुख कृषि संस्थानों और विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिकों की नियुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. एएसआरबी कृषि विज्ञान के 55 विभिन्न विषयों में हर साल वैज्ञानिकों की भर्ती के लिए अखिल भारतीय स्तर की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करता है.

वैज्ञानिकों ने दावा किया कि अब तक एएसआरबी ने विभिन्न श्रेणियों में 95,000 से अधिक कर्मियों की भर्ती की है और अब तक इसमें सिफारिश को लेकर एक भी मामला सामने नहीं आया है, जो इसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता को दर्शाता है. अकादमी में एक वैज्ञानिक और वैज्ञानिक में से ही दो पूर्णकालिक सदस्य होते हैं. हालांकि पिछले कुछ वर्षों में यह पूर्णकालिक अध्यक्ष के बिना चल रहा है और इसमें केवल एक सदस्य है.

जानकरों के अनुसार पिछले 45 वर्षों से कभी भी नौकरशाह का नेतृत्व एएसआरबी नहीं रहा है. क्योंकि जो कोई विज्ञान नहीं जानता है और कृषि विज्ञान की बारीकियों से अवगत नहीं है, उसे वैज्ञानिकों का न्याय करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

ये भी पढ़ें :  पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार 6वें दिन बढ़ोतरी, आज चुकाने होंगे इतने रूपये

First published: 10 July 2018, 10:54 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी