Home » बिज़नेस » List of 9,500 high risk' finance companies that changed the notes illegally after Demonetisation
 

नोटबंदी के बाद अवैध तरीके से नोट बदलने वाली 9,500 कंपनियों की लिस्ट आयी सामने

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 February 2018, 15:27 IST

वित्त मंत्रालय की संस्था फाइनैंशल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) 9,500 नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियों (NBFCs) की एक सूची जारी की है. NBFCs का कहना है कि इन कंपनियों को 'हाई रिस्क फाइनैंशल इंस्टिट्यूशंस' घोषित किया गया है.

इन कंपनियों को लेकर कहा गया है कि इन्होंने 31 जनवरी 2018 तक मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून का सही से पालन नहीं किया. एफआईयू-इंडिया की वेबसाइट पर इन कंपनियों का नाम जारी किया गया है.

 

8 नवंबर 2016 की रात नोटबंदी घोषित किए जाने के बाद नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियां इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और प्रवर्तन निदेशालय के रेडार पर आ गई थीं क्योंकि इन कंपनियों ने उन लोगों के पुराने नोट बदलवाने में मदद की थी जिन्होंने सरकार से छिपाकर काला धन जमा किया था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियों और को-ऑपरेटिव (सहकारी) बैंकों को पुराने नोटों को फर्जी तरीके से नए नोटों में तब्दील करने में लिप्त पाया गया है. कहा गया है कि इन्होंने काले धन को बैक डेट से एफडी दिखाकर चेक जारी कर दिए जबकि आरबीआई ने इन्हें ऐसे डिपॉजिट्स लेने से मना किया था.

पीएमएलए में सभी एनबीएफसीज के लिए फाइनैंशल इंस्टिट्यूशन में एक प्रमुख पदाधिकारी नियुक्त करने और 10 लाख रुपये या इससे अधिक के सभी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी एफआईयू को देने की बाध्यता तय की गई है. पीएमएलए के सेक्शन 12 के अनुसार प्रत्येक एंटिटि के लिए सभी लेनदेन के रिकॉर्ड्स रखने लाभ पाने वालों की पहचान की पुष्टि एफआईयू से करना जरूरी है. 

First published: 26 February 2018, 15:27 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी