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Lockdown: अब सरकार से उद्योग जगत ने की 15 लाख करोड़ के पैकेज की मांग, GDP का 7.5 फीसदी

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 May 2020, 9:07 IST

coronavirus Lockdown : भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की मांग करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था पर लॉक डाउन का गंभीर असर हुआ है. पहले यह अनुमान 4.5 लाख करोड़ रुपये का था. यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 7.5 प्रतिशत के बराबर है. सीआईआई ने सरकार को 15 लाख करोड़ रुपये के तत्काल प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा करने की सिफारिश की है. सीआईआई के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने कहा कि जब तक लॉकडाउन का तीसरा चरण समाप्त नहीं होता तब तक अर्थव्यवस्था लगभग दो महीने का उत्पादन खो देगी.

भारत में 25 मार्च से चल रहा लॉकडाउन 17 मई को समाप्त होने वाला है. अन्य उद्योग संघों ने भी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक बड़े प्रोत्साहन पैकेज की मांग की है. फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने 10 लाख करोड़ के पैकेज के लिए कहा है, जबकि पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने 16 लाख करोड़ रुपये की मांग की है. इससे पहले पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने गरीबों के लिए 65000 करोड़ के राहत पैकेज की मांग की थी. 

एक रिपोर्ट के अनुसार एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने प्रोत्साहन पैकेज की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा "NITI आयोग ने 10 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का प्रस्ताव किया है और हमने 14 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का सुझाव दिया है." हालांकि उद्योग निकायों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत सरकार की प्रारंभिक प्रतिक्रिया का समर्थन किया है.


सरकार ने 26 मार्च को पीएमजीकेवाई के तहत 1.7 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की, जो सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 0.8 फीसदी है. कल्याणकारी पैकेज का उद्देश्य गरीबों को तीन महीने का राशन और रसोई गैस उपलब्ध कराकर, महिलाओं, बुजुर्गों और विकलांगों को मुफ्त और सीधे नकद हस्तांतरण के लिए तत्काल राहत प्रदान करना था.

CII ने कहा कि गरीब और उद्योग दोनों को सरकार की ओर से तत्काल प्रोत्साहन की आवश्यकता है, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए. CII ने लोगों को सैलरी देने और नौकरी के नुकसान को रोकने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये तत्काल सहायता की मांग की.

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First published: 9 May 2020, 9:03 IST
 
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