Home » बिज़नेस » Lockheed Martin says F-16 production would place India at the centre of the world’s largest fighter jet ecosystem
 

लॉकहीड मार्टिन लड़ाकू विमान F-16 भारत में बनाकर पूरी दुनिया में करना चाहती है एक्सपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 May 2018, 14:43 IST

दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाकू विमान बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने मंगलवार को कहा कि वह भारत में एफ-16 लड़ाकू विमानों का उत्पादन करना चाहती है. कंपनी का कहना है कि इससे भारत एक निर्यात हब बनेगा और अगले कुछ दशकों में अनुमानित 165 बिलियन के लड़ाकू विमान बाजार में उसकी पहुंच और बढ़ेगी.

भारत के आकर्षक रक्षा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को देखते हुए लॉकहीड ने कहा कि एफ-16 का भारत में उत्पादन उसे लड़ाकू विमान इकोसिस्टम तंत्र का केंद्र बना देगा और भारत की निर्यात क्षमता को बढ़ाएगा.

लॉकहीड मार्टिन ने कहा कि एफ-16 ब्लॉक 70 भारत को प्रस्तावित किया जा रहा है जो अब तक का सबसे तकनीकी रूप से उन्नत और सक्षम एफ -16 लड़ाकू जेट होगा. कंपनी का कहना है कि एफ -16 का स्थापना के पांच वर्षों के भीतर निर्माण और एक्सपोर्ट शुरू कर देगा.

गौरतलब है कि अमेरिकी वायुसेना समेत दुनिया की 25 प्रमुख वायु सेनाओं के साथ कंपनी के विमान हैं. कई वायु सेनाएं नए एफ -16 की खरीद की संभावना के बारे में लॉकहीड मार्टिन के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रही हैं. लॉकहीड मार्टिन का कहना है कि वह भारतीय वायु सेना के लिए 400 से अधिक एफ-16 का उत्पादन करना चाहते है.

गौरतलब है कि भारत 110 से ज्यादा लड़ाकू विमान खरीदना चाहता है और यह सौदा 100,000 करोड़ या 15 अरब डॉलर से ऊपर की लागत पर होने की उम्मीद है. इसे लड़ाकू विमानों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सौदा माना जा रहा है. इस मेगा डील में लॉकहीड मार्टिन, बोइंग, साब और दसॉल्ट समेत अन्य मिलिट्री एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनियों के शामिल होने की उम्मीद है.

First published: 23 May 2018, 14:39 IST
 
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