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महिंद्रा की चेतावनी- बड़ी संख्या में जा सकती है नौकरियां, सरकार से मांगी मदद

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 August 2019, 17:55 IST

भारतीय वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (एमएंडएम) ने बुधवार को कहा कि उसे घरेलू ऑटो क्षेत्र में नौकरी का बड़ा संकट दिखाई दे रहा है. महिंद्रा इसमें सरकार के हस्तक्षेप की मांग करते हुए टैक्स कटौती की मांग की है. देश के शैडो बैंक बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और लगभग 55-60% वाणिज्यिक वाहनों और 30% यात्री कारों को वित्तपोषित करते हैं.

बीते कुछ समय में वाहन निर्माताओं महिंद्रा और उसके प्रतिद्वंद्वियों मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और टाटा मोटर्स लिमिटेड ने उत्पादन में कटौती की है जबकि कई प्लांटों को भी बंद कर दिया है. एमएंडएम ने एक बयान में कहा कि वह केवल मार्जिन बनाए रखने में सक्षम है और सरकार को इसमें सुधर के लिए माल और सेवा कर (जीएसटी) दर को कम करना चाहिए. 

बिक्री में मंदी से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 35 मिलियन लोगों को रोजगार देने वाले क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नौकरी में कटौती हो रही है. रॉयटर्स के शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि ऑटोमेकर, ऑटो पार्ट्स निर्माता और डीलर ने अप्रैल से लगभग 350,000 श्रमिकों नौकरी से बाहर किया. प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, "अब चार क्षेत्रों ओईएम (मूल उपकरण निर्माता), आपूर्तिकर्ता, डीलर और असंगठित क्षेत्र में नौकरी का नुकसान हो रहा है."

महिंद्रा एंड महिंद्रा के भारी सामानों के सेगमेंट, जो ट्रकों और टिपरों को बनाते हैं, लगभग छह वर्षों में इसकी सबसे खराब वृद्धि देखी गई, कंपनी ने कहा कि एक जून-तिमाही के समेकित लाभ की रिपोर्ट है जो लगभग एक साल पहले से 9.14 बिलियन रुपये (129.10 मिलियन डॉलर) हो गई है.

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First published: 7 August 2019, 16:58 IST
 
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