Home » बिज़नेस » Major crackdown on shell firms, BSE to delist 222 companies from Wednesday,
 

शेल कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई, BSE करेगा इन 222 कंपनियों को डीलिस्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 July 2018, 16:27 IST

अग्रणी स्टॉक एक्सचेंज बीएसई बुधवार से 222 कंपनियों को डीलिस्ट करने का फैसला किया है. इन कंपनियों के  शेयरों में व्यापार छह महीने से अधिक समय तक निलंबित चल रहा था. बीएसई ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब अधिकारी शेल कंपनियों लगातार कार्रवाई कर रहे हैं.

पिछले साल अगस्त में सेबी ने एक्सचेंजों को 331 संदिग्ध शेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. जबकि सरकार ने 200,000 से अधिक फर्मों को पहले से ही बंद कर दिया था जो लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियों को नहीं कर रही थी.

 

बीएसई ने कहा, "210 कंपनियां जो छह महीने से अधिक समय तक निलंबित थी, उन्हें एक्सचेंज की वितरण समिति के आदेश के अनुसार 4 जुलाई 2018 से एक्सचेंज के प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया.

इसके अलावा यह कहा गया है कि छह फर्म - एशियाई इलेक्ट्रॉनिक्स, बिड़ला पावर सॉल्यूशंस, क्लासिक डायमंड्स (इंडिया) लिमिटेड, इनोवेंटिव इंडस्ट्रीज, पैरामाउंट प्रिंटपेकिंग और एसवीओजीएल ऑयल गैस एंड एनर्जी को एनएसई द्वारा डिलीस्ड किया गया था, अब इन्हे बीएसई से भी डीलिस्ट किया जायेगा.

इसके अलावा 6 कंपनियां ऐसी हैं जिन्हें नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अनिवार्य रूप से हटाया है. ये छह कंपनियां एमएमएस इंफ्रास्ट्रक्चर, ओएसिस टेक्सटाइल्स, इंटीग्रेटेड फाइनेंस कंपनी, ओमनीटेक इंफोसोल्यूशंस, फ्लेलेसलेस डायमंड (इंडिया) लिमिटेड और इंडो बोनिटो बहुराष्ट्रीय हैं.

ये भी पढ़ें : ट्रम्प को जवाब देने के लिए 3,142 चाइनीज आइटम्स पर भारत ने कम किया आयात शुल्क

First published: 3 July 2018, 16:08 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी