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इस वजह से देश में बंद हैं 9 लाख से ज़्यादा मेडिकल स्टोर

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 May 2017, 13:16 IST

अगर आज आप दवाएं खरीदने के लिए निकले हैं, तो आपको भारी परेशानी हो सकती है. दवाओं की ब्रिक्री को लेकर सख्त नियमों के खिलाफ पूरे देश में दवा की दुकानें बंद हैं. इस बंद में 9 लाख से ज्यादा दवा दुकानदारों के शामिल होने की बात कही जा रही है.

ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के मुताबिक उन्होंने सरकार को सख्त नियम के खिलाफ प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन इसे सुना नहीं गया. इसके बाद 30 मई 2017 को एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया गया है. एआईओसीडी के वरिष्ठ सदस्य ने कहा, "हमें दवाओं की बिक्री से संबंधित सभी जानकारी एक पोर्टल पर डालने को कहा गया है, जो कि मौजूदा ढांचे में संभव नहीं है."

क्यों हो रहा ई-पोर्टल का विरोध?

नए नियम के तहत डॉक्टरों की पर्ची को स्कैन करने के बाद ही मरीजों को दवा दी जा सकेगी. विक्रेताओं का कहना है कि बिजली नहीं होने पर स्कैनिंग नहीं होगी, कई बार लिंक फेल होने से भी दवा नहीं दी जा सकेगी. मरीजों को कई बार तुरंत दवाइयों की जरूरत होती है, लेकिन दवा न मिलने पर वे मारपीट भी कर सकते हैं.

इसके अलावा खुदरा दवा विक्रेता, केमिस्ट और ई-फार्मेसी तब तक दवा नहीं बेच सकेंगे, जब तक वे इस ई-पोर्टल पर पूरा ब्योरा दर्ज नहीं करा देते. ये सब अगर नियमों को नहीं मानते, तो इन पर कार्रवाई करने का भी नियम होगा.

First published: 30 May 2017, 13:16 IST
 
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