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मिलिए नेपाल के मुकेश अंबानी से, Jio की तरह लाने वाले हैं फ्री-इंटरनेट क्रांति

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 July 2019, 14:34 IST

भारत जहां अमेरिकी दबाव में चीन की हुवावे को भारत में 5जी ट्रायल में शामिल करने से बच रहा है वहीं विनोद चौधरी को अमेरिकी दबाव की भी चिंता नहीं है. वह नेपाल में हुआवे के साथ मिलकर इंटरनेट क्रांति लाने वाले हैं. नेपाल के चौधरी ग्रुप ने चीन की दिग्गज कंपनी हुआवे के साथ देश में 4जी सर्विस के लिए लगभग 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार चेयरमैन बिनोद चौधरी ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह वही करना चाहते हैं जो रिलायंस Jio ने भारत में किया. चौधरी ग्रुप ने नए 4G नेटवर्क में शुरुआती 250 मिलियन निवेश की योजना बनाई. कंपनी ने कहा इसमें वह मुफ्त वॉयस कॉल, डेटा, ऑनलाइन भुगतान जैसी अन्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

नूडल्स बेचने से शुरू किया था कारोबार

पहले भारत और फिर पूरे एशिया में नूडल्स का कारोबार करने वाले चौधरी परिवार के पास अब एक बैंक, दूरसंचार व्यवसाय का स्वामित्व शामिल हो गया है. जबकि कंपनी के पास भारत के ताज समूह के साथ साझेदारी, मालदीव में दो रिसोर्ट समेत दर्जनों रिसॉर्ट्स हैं. फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, 1.7 बिलियन अमरीकी डालर संपत्ति के साथ वह नेपाल के एकमात्र अरबपति है. चौधरी की भारत, सर्बिया और बांग्लादेश में विदेशी नूडल विनिर्माण फैक्ट्रियां हैं.


5 जी भी करेंगे शुरू

चौधरी जो एक सांसद भी हैं, ने कहा -Huawei 4जी सेवाओं के लॉन्च के लिए लगभग 100 मिलियन अमरीकी डालर मूल्य के उपकरणों की आपूर्ति करेगा, जिसे बाद में 5जी में अपग्रेड किया जा सकता है. उन्होंने कहा "हुआवेई पहले सरकार के स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी के साथ काम कर रही थी, अब हमरे साथ भी करेगी. उन्होंने कहा कि नेपाल को जोड़ने से यह सुनिश्चित होगा कि पड़ोसी देशों की कंपनियों के साथ सौदे किए जाने पर व्यापारिक विचार सर्वोपरि है.

 

Huawei टेक्नोलॉजीज दुनिया भर में 5G उपकरण सौदों के लिए एक प्रमुख प्रतियोगी है, अमेरिका ने यह कहते हुए अपने सहयोगियों को Huawei प्रौद्योगिकी को अस्वीकार करने के लिए कहा है कि यह चीनी कंपनी सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है. अमेरिका ने कहा कि हुवावे एक सुरक्षा जोखिम है.

चौधरी ने कहा कि सीजी समूह ने तकनीकी और डिजाइन सेवाओं के लिए तुर्की की तुर्कसेल की सहायक कंपनी लाइफसेल के साथ समझौता किया है. उन्होंने कहा, "मुझे चीनी कंपनियों के साथ कोई समस्या नहीं है, वह चीनी निर्माता के साथ सीमेंट क्षेत्र में एक उद्यम स्थापित करने की योजना बना रहे हैं. सीजी पहले से ही नेपाल में ग्रामीण क्षेत्रों में एक सीमित दूरसंचार सेवा चला रहा है.

नेपाल के दूरसंचार नियामक के प्रवक्ता मिन प्रसाद आर्यल ने कहा कि सीजी समूह ने शहरों सहित बहुत व्यापक नेटवर्क के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. उद्योग के अनुमान के अनुसार, नेपाल टेलीकॉम ग्राहकों की 51 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ एनसेल और स्मार्ट सेल द्वारा बाजार में अग्रणी है. चौधरी ने कहा, 'हम तीन से चार साल के समय में एक तिहाई बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के लिए आश्वस्त हैं, क्योंकि हमें नवीनतम तकनीक लाने का फायदा होगा.''

5G ट्रायल पर बने पैनल ने किया चीनी कंपनी huawei का विरोध

First published: 2 July 2019, 14:11 IST
 
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