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गांजे के बिजनेस में माइक्रोसॉफ्ट की दखल

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 June 2016, 15:43 IST
QUICK PILL
  • दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट अब गांजे के कारोबार की निगरानी के लिए तकनीक मुहैया कराने जा रही है. कंपनी ने कैलिफोर्निया की कंपनी काइंड के साथ करार किया है. 
  • काइंड गांजे के सुरक्षित और नियमों के मुताबिक कारोबार को आगे बढ़ाने की दिशा में कंपनियों को वित्तीय तकनीक मुहैया कराने का काम करती है. कंपनी ने गांजे की खेती करने वालों, डिस्पेंसरीज और नियामकीय एजेंसियों के लिए सॉफ्टवेयर बना रखा है.
  • अमेरिका के संघीय कानून के तहत गांजे का इस्तेमाल, उसे रखना, बिक्री और उसकी खेती से लेकर उसका ट्रांसपोर्टेशन तक गैर कानूनी है. हालांकि अमेरिकी सरकार ने इस मामले में छूट भी दे रखी है.

दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट अब गांजे के कारोबार की निगरानी के लिए तकनीक मुहैया कराने जा रही है. कंपनी ने कैलिफोर्निया की कंपनी काइंड के साथ करार किया है. 

अमेरिका के कई राज्यों में गांजे की खेती को वैध घोषित किए जाने के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने अब इस कारोबार में उतरने का फैसला किया है. अभी तक बड़ी आईटी कंपनी इस तरह के कारोबार से दूर रहा करती थी क्योंकि संघीय कानून और राज्यों के कानून अलग-अलग होने की वजह से अक्सर कानूनी टकराव की गुंजाइश बनी रहती है. 

कानूनी जटिलताओं की वजह से होने वाले नुकसान को देखते हुए अभी तक कंपनियों ने इस कारोबार से दूरी बना रखी थी. हालांकि अब माइक्रोसॉफ्ट ने काइंड के साथ करार कर बाकी कंपनियों को चौंका दिया है. अमेरिका के संघीय कानून के तहत गांजे का व्यापार अवैध है.

कंपनी के क्लाउड कंप्यूटिंग का बिजनेस उन अमेरिकी राज्यों में गांजे की खेती से लेकर उसके ट्रांसपोर्टेशन पर नजर रखेगा, जिन्होंने चिकित्सकीय और दूसरी वजहों से गांजे की खेती को वैध घोषित कर रखा है. कंपनी के सॉफ्टवेयर की मदद से गांजे की खेती से लेकर उसकी बिक्री तक पर नजर रखी जा सकेगी.

अमेरिका में प्रतिबंधित है गांजा

अमेरिका के संघीय कानून के तहत गांजे का इस्तेमाल, उसे रखना, बिक्री और उसकी खेती से लेकर उसका ट्रांसपोर्टेशन तक गैर कानूनी है. हालांकि अमेरिकी सरकार ने इस मामले में छूट भी दे रखी है.

कोई प्रांतीय सरकार गांजे की खेती को चिकित्सकीय या अन्य कारणों को आधार बनाते हुए नियम बनाकर गांजे की खेती को वैध घोषित कर सकती है. हालांकि इसके लिए राज्य सरकार को एक मजबूत और सक्षम निगरानी तंत्र विकसित करना होगा. गांजे की खेती को वैध घोषित करने से पहले यह जरूरी शर्त है.

संघीय कानून में गांजा को कंट्रोल्ड सब्सटांस एक्ट 1970 के तहत शेड्यूल 1 में रखा गया है. इसका मतलब यह हुआ कि गांजा के दुरुपयोग की संभावना बेहद अधिक है और इसका चिकित्सकीय मामलों से कोई लेना-देना नहीं है.

यही वजह है कि जब कोई प्रांतीय सरकार इसकी खेती को वैध बनाती है तो उसे कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ता है. अमेरिकी राज्य गांजे को शेड्यूल 1 से हटाने की मांग करते रहे हैं, लेकिन उनकी इस मांग को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिल पाया है. 

फिलहाल अमेरिका के अलास्का, कोलोराडो, ओरेगन और वाशिंगटन में शौकिया और चिकित्सक कारणों से गांजे के इस्तेमाल पर कोई पाबंदी नहीं है. वहीं दस राज्यों ने केवल चिकित्सा कारणों के आधार पर गांजे के इस्तेमाल को वैध कर रखा है. वहां तीन राज्यों और यूएस वर्जिन आइलैंड ने इसे रखने को वैधता दे रखी है. जबकि 22 राज्यों में इस पर पूरी तरह से पाबंदी है.

क्या करती है काइंड

काइंड गांजे के सुरक्षित और नियमों के मुताबिक कारोबार को आगे बढ़ाने की दिशा में कंपनियों को वित्तीय तकनीक मुहैया कराने का काम करती है. कंपनी ने गांजे की खेती करने वालों, डिस्पेंसरीज और नियामकीय एजेंसियों के लिए सॉफ्टवेयर बना रखा है.

सॉफ्टवेयर की मदद से गांजे के पूरे बिजनेस को नियंत्रित किया जाता है. इसमें खेती से लेकर उसकी बिक्री और बैंकों में जमा होने वाली रकम तक की निगरानी की जाती है. 

काइंड गांजे के बिजनेस में काम करने वाली एकमात्र कंपनी है. काइंड गांजे के कारोबार में एंड टू एंड सॉल्यूशन मुहैया कराती है जिसकी मदद से गांजे के कारोबार और इसमें होने वाले लेन-देन का एक चक्र बनता है. इसमें किसी तरह से छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता.

First published: 20 June 2016, 15:43 IST
 
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