Home » बिज़नेस » mobile wallet transactions fell from a peak of ₹13,100 cr in February to ₹10,000 cr in March and ₹11,695 cr in April, data shows
 

KYC के कड़े नियमों से मोबाइल वॉलेट ट्रांजेक्शन में आयी बड़ी गिरावट

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 June 2018, 12:38 IST

अप्रैल में केवाईसी लागू करने के बाद मोबाइल वॉलेट लेनदेन तेजी से गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चलता है कि मोबाइल वॉलेट लेनदेन फरवरी की तुलना में मार्च में काफी कम था. आंकड़ों से पता चलता है कि मोबाइल वॉलेट लेनदेन फरवरी में 13,100 करोड़ रुपये से गिरकर मार्च में 10,000 करोड़ रुपये और अप्रैल में 11,695 करोड़ रुपये हो गया.

इसी तरह फरवरी में 310 मिलियन से मार्च में मोबाइल वॉलेट लेनदेन की संख्या 268.79 मिलियन हो गई. अप्रैल में यह 279.29 मिलियन थी. केंद्रीय बैंक ने हालही में निर्देश दिए थे कि सभी वॉलेट इस्तेमाल करने वालों को 1 मार्च से सख्त केवाईसी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

 

10,000 से अधिक प्रीपेड ग्राहकों के लिए केवाईसी अनिवार्य किया गया था. नियम के अनुसार यदि केवल न्यूनतम केवाईसी किया जाता है, तो ग्राहक जेब में 10,000 रुपये से ज्यादा नहीं रख सकते हैं. वे अन्य बैंक खातों में पैसा भेजने में सक्षम नहीं होंगे. ऑनलाइन खरीद, बिल भुगतान या बुकिंग करने के शेष लेनदेन वॉलेट में मौजूदा पैसे के साथ किया जा सकता है.

हालही में ऑथेंटिकेशन एजेंसियों को भेजे गए पत्र में UIDAI ने कहा था कि केवल ग्लोबल AUA को आधार नंबर के साथ फुल ईकेवाइसी के एक्सेस की इजाजत होगी, वहीं लोकल एजेंसियों का एक्सेस सीमित रहेगा. बैंकों को ग्लोबल AUA की कैटिगरी में रखा गया है, जबकि सभी पेमेंट कंपनियों और ऑथेंटिकेशन बिजनेस की दूसरी इकाइयों को लोकल कैटिगरी में रखा गया है.

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First published: 18 June 2018, 12:34 IST
 
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