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जल्द ही ई-वॉलेट का बीमा कर सकती है सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 January 2017, 17:43 IST

केंद्र सरकार संभवता जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट ट्रांजैक्शंस के लिए बीमा की शुरुआत कर सकती है. इसके लिए सरकार ने बीमा कंपनियों और मोबाइल वॉलेट प्रोवाइडर्स से चर्चा शुरू कर दी है.

इसके अलावा सरकार बीमा लेने की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के लिए रजिस्टर्ड इंवेस्टिगेशन एंजेसी के रूप में अपराध विज्ञान शोधशालाओं को भी जोड़ सकती है. अभी तक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री ही साइबर क्राइम संबंधित एविडेंस के लिए एकमात्र पंजीकृत जांचकर्ता है.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, "सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा बीमा कंपनियों और मोबाइल वॉलेट कंपनियों के साथ 2-3 बैठकें की गई हैं. इनके पीछे प्रमुख विचार यह है कि इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट में मौजूद धन का बीमा हो."

सूत्र ने आगे बताया कि इस बारे में चर्चा अंतिम चरण में पहुंच गई है और जल्द ही किसी भी फैसले पर पहुंचा जा सकता है. एक अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद ई-वॉलेट ट्रांजैक्शंस के लिए बीमा को अधिसूचित किया जाएगा.

इतना ही नहीं साइबर क्राइम साक्ष्यों (एविडेंस) के लिए आईटी मिनिस्ट्री, फॉरेंसिक लैब को इनवेस्टिगेशन एजेंसी के रूप में अधिसूचित करेगा.

गौरतलब है कि फिलहाल आईटी मिनिस्ट्री ही इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के लिए एकमात्र रजिस्टर्ड इनवेस्टिगेशन एजेंसी है. मंत्रालय का इरादा है कि हर जिले में इस प्रकार की एक लैबोरेटरी अधिसूचित कर दी जाए.

First published: 31 January 2017, 17:43 IST
 
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