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छोटे कारोबारियों के लिए मोदी सरकार का सबसे बड़ा उपहार, करोड़ों लोगों को था सालों से इंतज़ार

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 January 2019, 18:09 IST

केंद्र की मोदी सरकार जीएसटी छूट के बाद अब कारोबारियों को कई और सौगात दे सकती है. इसके तहत व्यवसायियों के टर्नओवर और देने वाले टैक्स की रकम के आधार पर उन्हें पेंशन, इंश्योरेंस और ब्याज दरों में छूट की तैयारी कर रही है. अगर यह योजना लागू होती है तो करोड़ों छोटे, मझोले व्यापारियों को इसका सीधा फायदा होगा जिससे बड़ी संख्या में वोटरों का मिजाज बीजेपी के पक्ष में होगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार इसका रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी भी व्यापार संगठनों को ही देने की जाएगी और इसके लिए जल्द ही एक ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाएगा.

केंद्र ने इस सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, और कई अन्य व्यापारिक संगठनों के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू कर दी है और वेलफेयर बोर्ड के गठन के लिए प्रतिनिधियों का चयन भी शुरू कर दिया गया है.

आरसे से कारोबारियों की मांग

आरसे से व्यापार संगठन मांग करते रहे हैं कि वे सामान बेचकर उपभोक्ताओं से टैक्स जमा करते हैं और इसे राजस्व के तौर पर जमा करते हैं इस तरह से वे भी सरकारी मेकनिज़्म का हिस्सा हैं. ऐसे में उन्हें भी अन्य कर्मचारियों की तरह पेंशन और बीमा सहित अन्य स्कीमों की सुविधा मिलनी चाहिए. भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रेसिडेंट श्याम विहारी मिश्रा ने बताया कि व्यापारी संगठन सरकार से लंबे समय से पेंशन स्कीम की मांग करते रहे हैं और अब सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है. सोशल सिक्यॉरिटी मिलने से कारोबारियों का सिस्टम में भरोसा बढ़ेगा.

टर्नओवर और टैक्स के आधार पर तय होगी पेंशन और बीमा की रकम

एक ट्रेड लीडर के मुताबिक इसी महीने इस योजना की रोड मैप सामने आ सकती है. इसमें टर्नओवर और टैक्स के आधार पर इंश्योरेंस कवरेज और पेंशन की रकम तय करने की योजना है. हालांकि कारोबारी शुरुआती प्रस्तावों पर सहमत नहीं हैं और चाहते हैं कि इन स्कीमों से अनरजिस्टर्ड व्यापारियों को भी लाभ लेने का मौका मिले.

First published: 14 January 2019, 18:08 IST
 
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