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काले धन पर मोदी सरकार की सबसे बड़ी कार्रवाई, दो अरबपतियों पर चला ईडी का डंडा, करोड़ों जब्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 December 2018, 13:13 IST

काले धन पर आलोचनाओं का सामना करने वाली मोदी सरकार अब इस मुद्दे पर बड़ी कार्यवाई कर विरोधियों का मुंह बंद करना चाहती है. इसी क्रम में देश के दो बड़े कारोबारियों पर ईडी का डंडा चला. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश की नामी आयुर्वेदिक कंपनी डाबर इंडिया और एम्मार एमजीएफ के निदेशकों की करोड़ों की सम्पत्ति जब्त कर ली है. कंपनी के दोनों निदेशकों पर विदेश में ब्लैक मनी रखने का आरोप है. डाबर इंडिया के डायरेक्टर प्रदीप बर्मन और एमजीएफ के एडीशनल एमडी श्रवण गुप्ता की संपत्ति जब्त की गई. ईडी ने प्रदीप बर्मन की 20.8 करोड़ रुपये और श्रवण गुप्ता की 10.28 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की है.

दरअसल प्रवर्तन निदेशालय की जांच में दोनों के विदेशी बैंकों में कालाधन छिपा होने की बात सामने आई. प्रदीप बर्मन के बैंक अकाउंट में अवैध लेन देन का आरोप भी है जिसका वो कोई साक्ष्य नहीं दे पाये. प्रदीप के ज्यूरिख के एचएसबीसी बैंक अकाउंट में 23.10 करोड़ रुपए जमा हैं जिसकी जानकारी उन्होंने आयकर विभाग को नहीं दी थी. इसलिए उनकी सम्पत्ति जब्त की गई है. वहीं श्रवण गुप्ता के स्विटजरलैंज के एचएसबीसी बैंक अकाउंट में 11 करोड़ रुपए जमा होने का पता चला है.

केंद्रीय जांच एजेंसी ने बयान जारी कर कहा है कि उसने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत ये कार्रवाई की है. गौरतलब है ये मामले 628 भारतीयों की उस सूची से जुड़े हैं, जिनका एचएसबीसी की जिनेवा शाखा में खाता है. यह सूची भारत को 2007 में फ्रांस की सरकार से प्राप्त हुई थी. ईडी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बर्मन की संपत्ति को इसलिए जब्त किया गया है, क्योंकि उन्होंने 23 करोड़ रुपए से अधिक धन ज्यूरिख स्थित एचएसबीसी की शाखा में जमा करने के बाद इसकी जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी थी

First published: 17 December 2018, 13:13 IST
 
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