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Air India समेत इन 28 बड़ी सरकारी कंपनियों को बेचने की तैयारी में मोदी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 June 2019, 16:20 IST

केंद्र की मोदी सरकार देश की 28 सरकारी कंपनियों को बेचने की तैयारी कर रही है. सरकार इन कंपनियों के खरीदार ढ़ूंढ रही है क्योंकि ये कंपनियां घाटे में चल रही हैं. मोदी सरकार लंबे समय से कर्ज में डूबी हुई इन कंपनियों के विनिवेश की कोशिश कर रही है. हालांकि मनमाफिक खरीदार अभी तक नहीं मिले हैं.

सरकार ने सार्वजनिक तौर पर इन सभी सरकारी कंपनियों के बारे में जानकारी दी है, जिनके खरीदार ढ़ूंढे जा रहे हैं यानि जिनके विनिवेश की मंजूरी दी जा चुकी है. कुल 28 कंपनियां हैं. मंत्रालय की ओर से उन 19 कंपनियों के बारे में भी जानकारी दी गई है जिन्‍हें मोदी सरकार ने बंद करने की मंजूरी दे दी है. सभी कंपनियां घाटे में चल रही हैं.

कांग्रेस लोकसभा सांसद अदूर प्रकाश ने सदन में हाल ही में भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय से सरकारी कंपनियों का ब्‍यौरा मांगा था. इसका जवाब देते हुए मंत्री अरविंद सांवत ने उन कंपनियों के बारे में जानकारी दी है, जिन्‍हें मोदी सरकार ने सैद्धांतिक विनिवेश को मंजूरी दे दी.

विनिवेश प्रक्रिया निवेश का उल्टा होता है. विनिवेश का मतलब उस रकम को वापस निकालना होता है जो सरकार ने किसी कारोबार, संस्था या किसी परियोजना में लगाना हुआ है. घाटे में चल रही कंपनियों को किसी के हाथ बेचकर ऐसा होता है.

मोदी सरकार ने प्रोजेक्‍ट एंड डेवलपमेंट इंडिया लिमिटेड, राष्‍ट्रीय परियोजना निर्माण निगम, हिंदुस्‍तान प्रीफैब लिमिटेड (HPL), हॉस्पिटल सर्विसेज कंसल्‍टेंसी लिमिटेड, पवन हंस लिमिटेड, इंजीनियरिंग पोजेक्‍ट लिमिटेड, ब्रिज एंड रूफ कंपनी इंडिया लिमिटेड, अलॉय स्‍टील प्‍लांट, स्‍कूटर्स इंडिया लिमिटेड, हिंदुस्‍तान न्‍यूजप्रिंट लिमिटेड (सहायक), भारत पंप और कंप्रेशर्स लिमिटेड के विनिवेश को मंजूरी दे दी है.

मोदी सरकार हिंदुस्‍तान फ्लोरोकार्बन लिमिटेड, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, सेंट्रल इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स लिमिटेड, फेरा स्‍क्रैप निगम लिमिटेड, भारतीय सीमेंट निगम लिमिटेड, एनएमडीसी का नगरनार स्‍टील प्‍लांट, सेल का सेलम स्‍टील प्‍लांट, सेल की भद्रावती यूनिट्स, कर्नाटक एंटीबायोटिक्‍स एंड फार्मास्‍युटिकल्‍स लिमिटेड, कामराजार पोर्ट लिमिटेड कंपनियों को बेचना चाहती है.

इसके अलावा एअर इंडिया और इसकी 5 सहायक कंपनियां, ड्रेजिंग कॉपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, इंडियन मेडिसिन एंड फार्मास्‍युटिकल्‍स कॉपोरेशन लिमिटेड (IMPCL), भारतीय पर्यटन विकास निगम लिमिटेड, एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड, हिंदुस्‍तान पेट्रोलियम कॉपोरेशन लिमिटेड को बेचना चाहती है.

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First published: 26 June 2019, 16:11 IST
 
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